पिछले साल राज्य के स्थापना दिवस पर शुरू होनी थी बस सेवा
रांची : राज्य के विश्वविद्यालयों में छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय महिला बस सेवा योजना शुरू नहीं हो पायी है. जबकि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग ने गत वर्ष राज्य के स्थापना दिवस पर बस सेवा योजना शुरू करने की बात कही थी. बस परिचालन के लिए एजेंसी का चयन खुली निविदा के माध्यम से विश्वविद्यालय/महिला महाविद्यालय के स्तर पर गठित निविदा समिति द्वारा होना था. पर बस परिचालन के लिए एक भी ऑपरेटर नहीं मिला. लिहाजा, इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. बस योजना शुरू करने को लेकर वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट में चार करोड़ का प्रावधान भी किया गया था.
विवि ने विभाग को दे दी थी मामले जानकारी : स परिचालन को लेकर सभी विश्वविद्यालयों द्वारा इसकी प्रक्रिया शुरू की गयी थी. रांची विश्वविद्यालय, कोलहान विश्वविद्यालय, नीलाबंर-पीतांबर विश्वविद्यालय व विनोबाभावे विश्वविद्यालय द्वारा बस संचालन के लिए जारी टेंडर में एक भी बीडर ने भाग नहीं लिया था. इसके बाद रांची विश्वविद्यालय ने इसकी सूचना विभाग को दे दी थी. लेकिन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग ने इस संबंध में आगे कोई निर्देश नहीं दिया. मालूम हो कि बसों का परिचालन विश्वविद्यालय/महिला कॉलेज से लगभग 25 किमी दूरी तक किया जाना था. बस प्रात:कालीन व संध्याकालीन दोनों शिफ्ट में चलनी थी. छात्राओं से बस परिचालन के लिए प्रतिमाह 100 रुपये लेने का प्रावधान किया गया था. इसमें प्रति वर्ष पांच रुपये की बढ़ोतरी होनी थी .
इन कॉलेजों में होना था परिचालन
बस का परिचालन अंगीभूत महिला कॉलेज, संबद्ध महिला कॉलेज, घाटानुदानित महिला कॉलेज में किये जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था. विवि स्तर पर स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए भी बस का परिचालन होना था. बस परिचालन के लिए कॉलेज व विवि स्तर पर कमेटी गठित की गयी थी. कमेटी का गठन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में किया गया था. कमेटी में सभी विवि के प्रतिनिधि को भी शामिल किया गया था.
छात्राओं का नामांकन बढ़ाना था उद्देश्य
उच्च शिक्षा में छात्राओं के नामांकन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय महिला बस सेवा योजना शुरू करने की बात कही गयी थी. विभाग का मानना था कि इससे उच्च शिक्षा में छात्राओं के ड्रॉप आउट रेट में कमी आयेगी. राज्य में उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ेगा.
