रांची : खूंटी मामले में न्यायिक आयोग से करायें जांच

रांची : वीमेन अंगेस्ट सेक्सुअल वायलेंस एंड स्टेट रिप्रेशंस (डब्ल्यूएसएस) व को-ऑर्डिनेशन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स आॅर्गनाइजेशंस (सीडीआरओ) ने खूंटी में गैंग रेप की हुई घटना, घाघरा व आसपास के गांवों में प्रशासनिक कार्रवाई, बेतला टाइगर रिजर्व में प्रशासन द्वारा विस्थापन और 20 सामाजिक कार्यकर्ताओं पर राजद्रोह के मुकदमे को लेकर अपनी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी […]

रांची : वीमेन अंगेस्ट सेक्सुअल वायलेंस एंड स्टेट रिप्रेशंस (डब्ल्यूएसएस) व को-ऑर्डिनेशन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स आॅर्गनाइजेशंस (सीडीआरओ) ने खूंटी में गैंग रेप की हुई घटना, घाघरा व आसपास के गांवों में प्रशासनिक कार्रवाई, बेतला टाइगर रिजर्व में प्रशासन द्वारा विस्थापन और 20 सामाजिक कार्यकर्ताओं पर राजद्रोह के मुकदमे को लेकर अपनी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की है़
टीम ने 17 से 19 अगस्त तक इन इलाकों का भ्रमण किया था़ इस अन्वेषण के आधार पर टीम के तापस, राधिका व पूजा ने सरकार से मांग की है कि घाघरा में महिलाओं के साथ अर्द्ध सैनिक बलों व पुलिस द्वारा की गयी यौन हिंसा और पत्थलगड़ी आंदोलन को दबाने की प्रशासन की कोशिश पर स्वतंत्र ज्यूडिशियल कमीशन बैठायी जाये़
खूंटी जिले में कोचांग व अन्य जगहों पर तैनात अर्द्ध सैनिक बलों को हटाया जाये़ कोचांग स्कूल से अर्द्ध सैनिक बलों का कैंप हटाने और वहां के गांव वालों पर कैंप बनाने के लिए जमीन देने की गैरकानूनी मांग पर रोक लगायी जाये़
इसके साथ ही 21 फरवरी 2018 को वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा निकाला गया गजट वापस लिया जाए, जिसमें पलामू टाइगर रिजर्व और बेतला नेशनल पार्क के 398 आदिवासी गांवों को इको सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है़ पांचवीं अनुसूची के इलाकों में जबरन विस्थापन, पुन: स्थापन, भूमि अधिग्रहण को रोका जाये

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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