रांची : वनवासी कल्याण केंद्र के हितरक्षा प्रमुख संदीप उरांव ने कहा है कि सेवा व शिक्षा के नाम पर हड़प ली गयी आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण की जांच एसआइटी से करायी जाये. उन्होंने चर्च पर आरोप लगाया कि शैक्षणिक व विभिन्न सेवा संस्थानों के नाम पर झारखंड में आदिवासियों की कई एकड़ भूमि अवैध तरीके से हस्तांतरण कर दी गयी.
जमीन का हस्तांतरण सीएनटी व एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर किया गया. उन्होंने सरकार से मांग की कि आदिवासियों की हस्तांतरित की गयी भूमि मूल रैयताें को वापस की जाये. श्री उरांव मंगलवार को वनवासी कल्याण केंद्र के सभागार में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्हाेंने कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी को जो 927 करोड़ रुपये मिले हैं, इसकी भी जांच की जाये. साथ ही जो भी धर्मांतरित लोग हैं उनका प्रमाण पत्र जांच के बाद ही बनाया जाये. उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर जल्द ही वे राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिलेंगे.
चर्च द्वारा किये जा रहे इस तरह के कार्यों के खिलाफ जनांदोलन चलाने की बात कही है. उन्होंने अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन की मांग की है. मौके पर जनजाति सुरक्षा मंच के सदस्य सुनील टोप्पो, सोमा उरांव, विश्वकर्मा पाहन आदि मौजूद थे.
