झारखंड को मिले विशेष राज्य का दर्जा : कांग्रेस

15वें वित्त आयोग के समक्ष कांग्रेस ने झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा देते हुए विशेष अनुदान देने की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि झारखंड में बीपीएल परिवार 48 प्रतिशत है, जबकि देश में 29 प्रतिशत हैं. विशेष पैकेज के […]

15वें वित्त आयोग के समक्ष कांग्रेस ने झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा देते हुए विशेष अनुदान देने की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि झारखंड में बीपीएल परिवार 48 प्रतिशत है, जबकि देश में 29 प्रतिशत हैं. विशेष पैकेज के लिए पांच मापदंड होते हैं.

इसमें झारखंड चार मापदंड को पूरा करता है. केवल एक मापदंड अंतरराष्ट्रीय सीमा को झारखंड पूरा नहीं करता. डॉ अजय ने कहा कि झारखंड में प्रति व्यक्ति आय को अधिक बताया जाता है, जबकि यहां काफी गरीबी है. प्रति व्यक्ति आय सेल, बीसीसीएल, टाटा स्टील जैसी कंपनियों की वजह से है न कि लोगों की आय से. आबादी के घनत्व मापदंड में झारखंड को अधिक बताया जाता है, जबकि यह गलत है. झारखंड की आबादी का घनत्व 441 बताया जाता है, जबकि देश में 380 है.

आबादी घनत्व केवल रांची, जमशेदपुर और धनबाद में अधिक है. अन्य जिलों में यह काफी कम है. डॉ अजय ने कहा कि वित्त आयोग से पार्टी ने विशेष अनुदान की मांग की है, क्योंकि यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, पेयजल आदि की स्थिति खराब है. 27 प्रतिशत की आबादी आदिवासियों की है, जो काफी पिछड़े हुए हैं. इसके लिए झारखंड को ज्यादा अनुदान की जरूरत है.

डॉ अजय ने कहा कि बैठक में विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब सत्ता में शामिल भाजपा की सहयोगी पार्टी आजसू ने कहा कि यहां भुखमरी से मौत हो रही है, जबकि सरकार यह बात नहीं मानती. आजसू ने कहा कि झारखंड सबसे पिछड़ा राज्य है, जबकि सबसे ज्यादा समय तक यहां भाजपा का ही शासन रहा है.

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