सदन से झामुमो का वाकआउट, राधागोविंद विश्वविद्यालय समेत सात विधेयक पारित

रांची : माॅनसून सत्र के आखिरी दिन शनिवार को विधानसभा की द्वितीय पाली में झामुमो ने सदन से वाकआउट कर दिया. इस बीच पांच विश्वविद्यालय समेत सात विधेयक पारित किये गये. मुख्यमंत्री ने मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की. कहा कि विपक्ष में सुनने की हिम्मत नहीं है. विपक्ष ने अल्पसंख्यकों को वोट […]

रांची : माॅनसून सत्र के आखिरी दिन शनिवार को विधानसभा की द्वितीय पाली में झामुमो ने सदन से वाकआउट कर दिया. इस बीच पांच विश्वविद्यालय समेत सात विधेयक पारित किये गये. मुख्यमंत्री ने मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की. कहा कि विपक्ष में सुनने की हिम्मत नहीं है. विपक्ष ने अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया. इनके कल्याण के बारे मेें कभी नहीं सोचा. भाजपा की सरकार सबका साथ-सबका विकास को लेकर काम कर रही है.
किसी की तुष्टीकरण नहीं करती है. कहा कि हेमंत सरकार में भी मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन उन्होंने इसे बनाने का काम नहीं किया. जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उनकी सरकार में प्रस्ताव विलंब से आया था. कुछ दिनों में ही कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गया. इस वजह से निर्णय नहीं ले पाये.
वर्तमान सरकार साढ़े तीन साल से चल रही है. मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय को बनाने की मांग 2015 में हुई थी. तीन साल बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सरकार आदिवासी, दलित, पिछड़ों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. इसके बाद झामुमो विधायक सदन से वाकआउट कर गये.
कौन-कौन से विधेयक हुए पारित : कार्यवाही के दौरान झारखंड वित्त विधेयक 2018, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय विधेयक-2018, रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय विधेयक 2018, राधागोविंद विश्वविद्यालय विधेयक 2018, झारखंड राय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2018, राम कृष्ण धर्माथ पाउंडेशन (आरकेडीएफ) विश्वविद्यालय विधेयक 2018 व झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन विधेयक 2017 ध्वनिमत से पारित हुआ.
विधायक प्रदीप यादव ने वित्त विधेयक को प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव लाया था, जिसे नामंजूर कर दिया गया. विधायक राधा कृष्ण किशोर ने वित्त विधेयक में उस प्रस्ताव में संशोधन करने का आग्रह किया, जिसमें एक ही परिवार में जमीन दान के लिए तीन प्रतिशत स्टांप शुल्क का प्रावधान किया गया है. उन्होंने स्टांप शुल्क को एक प्रतिशत करने की मांग की. इस पर मंत्री अमर बाउरी ने बताया कि पहले स्टांप शुल्क 6.33 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था, जिसे घटा कर तीन प्रतिशत किया गया है.
मापदंडों का पालन नहीं करने वाले निजी विवि की संबद्धता रद्द होगी : निजी विवि के विधेयक पारित करने के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष के सदस्यों ने निजी विवि के मापदंडों का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मापदंडों का अनुपालन नहीं करने वाले निजी विश्वविद्यालयों की संबद्धता रद्द की जायेगी.

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