झारखंड राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ का द्वितीय वार्षिक प्रांतीय अधिवेशन
रांची : भू-राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि झारखंड के लोगों की भावनाएं जमीन के साथ जुड़ी हैं. यहां के लाेग एक इंच जमीन देने से ज्यादा अपनी जान देना ज्यादा श्रेयस्कर समझते हैं. झारखंड के थानों में 89 से 99 प्रतिशत मामले भी जमीन से जुड़े होते है़ं
इसलिए राजस्व कर्मचारियों की भूमिका और दायित्व महत्वपूर्ण हैं. उनका हस्ताक्षर किसी परिवार को बर्बाद कर सकता है, इसलिए अपने दायित्वों-कर्तव्यों का निर्वहन गंभीरता से करें. वे बुधवार को टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में झारखंड राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के द्वितीय वार्षिक प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे़
उन्होंने कहा कि जमीन के डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो चुका है. इसमें गलतियों में सुधार का काम भी 70 से 80 प्रतिशत पूरा हो गया है. अगले दो- तीन वर्षों में सभी ऋुटियां सुधार ली जायेंगी. उन्होंने कहा कि झारखंड देश का एक ऐसा राज्य है, जहां हर जिले में एक नया राजस्व कानून है.
कहीं सीएनटी, कहीं एसपीटी, कहीं विलकिंसन रूल, तो कहीं खास महल जमीन है. भूमि अधिग्रहण बिल के बारे में कहा कि इस संदर्भ में टीएसी की बैठक में कांग्रेस के सुखदेव भगत ने ही सुझाव दिया था कि यदि सरकारी कार्यों को आगे बढ़ाना है, काम को पूरा कराना है, तो भूमि अधिग्रहण कानून की गति तेज करने के लिए कुछ सुधार करने की जरूरत है. यह बिल विधानसभा से पारित हुआ है. इसमें पेसा क्षेत्रों के लिए कोई भी संशोधन नहीं हुआ है़
रेवेन्यू प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लायेंगे : उन्होंने कहा कि कि राज्य सेवा संवर्ग की बात स्वीकार हो चुकी है. रेवेन्यू प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लाया जायेगा. राजस्व कर्मचारियों को मोटरसाइकिल मिलनी चाहिए. हलका का पुनर्गठन होगा. लैपटॉप, टैबलेट भी दिये जायेंगे़
नियमानुसार चलेंगे, तो टकराव नहीं होगा : समीर उरांव
राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने कहा कि देश में जल, जंगल, जमीन के सवालों पर ही कानून- व्यवस्था की ज्यादातर समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
यदि भूमि सुधार विभाग नियमों के अनुसार चलता है, तो टकराव की स्थिति नहीं आती. विधायक जीतू चरण राम ने भी मौके पर विचार रखे. कार्यक्रम में अशोक सिंह,अनुकूल ओझा, संतोष कुमार शुक्ला, भरत कुमार सिन्हा, शशिभूषण सिंह, अमित कुमार गुप्ता, विक्रम महली, हिम्मत लाल महतो, मो एजाज व अन्य मौजूद थे़
