भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन का विरोध. निकला मशाल जुलूस
जमशेदपुर में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के घर पर फोर्स तैनात
रांची/जमशेदपुर : भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के खिलाफ विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठन गुरुवार को झारखंड बंद कराने सड़क पर उतरेंगे. बंद को सफल बनाने के लिए झामुमो, कांग्रेस, झाविमो, राजद सहित वामदल और कुछ सामाजिक संगठनों ने पूरी तैयारी कर ली है. आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है. विपक्ष ने बुधवार शाम पूरे राज्य में मशाल जुलूस निकाला.
दूसरी ओर बंद के मद्देनजर जमशेदपुर में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के आवास को पुलिस बल ने देर शाम घेर लिया. घाटशिला से झामुमो व कांग्रेस के कुछ नेताओं को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है. उधर, झाविमो नेता बाबूलाल मरांडी, प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार
विपक्ष का बंद…
, विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, सुखदेव भगत, सुबोधकांत सहाय, बंधु तिर्की सहित राजद व वामदल के बड़े नेता राजधानी में बंद कराने उतरेंगे. इधर, प्रशासन भी सख्त है. सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं. राजधानी रांची सहित राज्य के दूसरे जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं. प्रशासन ने भी बंद समर्थकों और उपद्रव करनेवालों से निबटने की तैयारी की है. शहरों की महत्वपूर्ण जगहों पर ड्रोन से निगरानी की जायेगी.
उपद्रवियों से निबटने का व्यापक इंतजाम : राज्य के गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया, सरकार ने उपद्रवियों से निबटने के लिए व्यापक इंतजाम किये हैं. 5000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस बल व पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. रैफ की दो कंपनियां, रैप की छह कंपनियां, 3100 गृह रक्षा वाहिनी के जवानों के साथ ही टीयर गैस और राइट कंट्रोल यूनिट की भी प्रतिनियुक्ति भी की गयी है. डीजीपी डीके पांडेय ने कहा : पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है. संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी व वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गयी है. वॉचरों को भी नियुक्त किया गया है. बंद समर्थक युवाओं के मोटरसाइकिल दस्ते पर विशेष निगरानी रखी जाने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर मोटरसाइकिल दस्ते की क्यूआरटी रखी जायेगी. मौके पर एडीजीपी अभियान आरके मल्लिक, आइजी अभियान आशीष बत्रा व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राम लखन प्रसाद गुप्ता भी मौजूद थे.
झामुमो, कांग्रेस, झाविमो, राजद सहित वामदल और कुछ सामाजिक संगठनों ने किया है बंद का आह्वान, माओवादियों ने भी िकया समर्थन
5000
अतिरिक्त बल
की तैनाती
ड्रोन से होगी निगरानी
सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की विशेष व्यवस्था
मोटरसाइकिल दस्ता और क्यूआरटी की टीम तैनात
संशोधन जनभावना के विपरीत है. यह बंद जनता का होगा. इसमें राज्य के आदिवासी-मूलवासी, गरीब अपनी भागीदारी निभायेंगे़
– हेमंत सोरेन, प्रतिपक्ष के नेता
सरकार की साजिश नहीं चलने देंगे. गांव से लेकर शहर तक बंद को सफल बनाने के लिए लोग सड़क पर उतरेंगे. बंद शांतिपूर्ण होगा.
– बंधु तिर्की, झाविमो नेता
झारखंड के लोग अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं. बंद शांतिपूर्ण होगा. सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश दिखेगा.
– सुखदेव भगत, कांग्रेस विधायक
बोले गृह सचिव एसकेजी रहाटे व डीजीपी
बंद में तीर-धनुष सहित अन्य पारंपरिक या गैर पारंपरिक हरवे-हथियार लेकर सड़क पर उतरना कानूनन गलत होगा. ऐसा करनेवालों पर सख्त कार्रवाई होगी
बंद से लोग डरे नहीं. सामान्य दैनिक जीवन का कार्य करें. प्रशासन लोगों की सुरक्षा में मुस्तैद रहेगा
अमन पसंद लोगों को उनके दैनिक जीवन व व्यापारिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा पहुंचाने की कोशिश बंद समर्थक करते हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. चाहे कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जायेगा
सरकारी संपत्ति की क्षति होती है, तो उसकी क्षति-पूर्ति बंद का आह्वान करनेवालों से वसूल की जायेगी.
हिंसा या जोर जबरदस्ती कंटैम्ट ऑफ कोर्ट माना जायेगा. ऐसे मामलों की स्पीडी ट्रायल होगी.
