सुनील चौधरी
झारखंड सरकार ने करायी लौह अयस्क खदान की नीलामी
रांची : पश्चिम सिंहभूम के करमपदा स्थित भनगांव आयरन ओर माइंस की नीलामी गुरुवार को हुई. साउथ-वेस्ट माइनिंग कंपनी ने 89 प्रतिशत अधिक बोली लगाकर इसे 50 वर्षों के लिए हासिल कर ली. इससे झारखंड को 11536 करोड़ िमलेंगे. नीलामी में टाटा स्टील, रूंगटा माइंस, एस्सेल माइंस, वेदांता, एसएसपीएल, जेएसडब्ल्यू व फर्मेंटो कंपनियां शामिल हुई.
पहले चरण में टाटा स्टील और फर्मेंटो छंट गयी. वजह है कि बेस प्राइस 10 प्रतिशत से अधिक बोली पांच कंपनियों ने ही लगायी थी. जिनकी बोली 50 प्रतिशत अधिक थी, पर टाटा और फर्मेंटो कंपनी की बोली 27 प्रतिशत ही थी. इस कारण दोनों कंपनियां छंट गयी.
वहीं जेएसडब्ल्यू ग्रुप से जुड़ी कंपनी साउथ-वेस्ट माइनिंग ने सर्वाधिक 89 प्रतिशत की बोली लगा कर इसे हासिल कर लिया. इसकी पुष्टि खान सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने की है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने पहली बार लौह अयस्क की नीलामी संपन्न करवा ली. भारत सरकार की संस्था एमएसटीसी द्वारा इ-अॉक्शन के माध्यम से नीलामी की प्रक्रिया संपन्न करायी गयी.
साउथ-वेस्ट माइनिंग कंपनी को मिली भनगांव आयरन ओर माइंस
111 हेक्टेयर में फैली है भनगांव लौह अयस्क खदान
भनगांव लौह अयस्क खदान 111 हेक्टेयर में फैली है. 38.5 मिलियन टन लौह अयस्क रिजर्व है. यह सबसे बड़ी खदान है, जिसकी नीलामी हुई है. अभी 4000 रुपये प्रति टन लौह अयस्क की दर है. इसे 50 वर्षों के लिए कंपनी ने ली है. 89 प्रतिशत नीलामी और 14 प्रतिशत एडवोलेरम रॉयल्टी मिला कर झारखंड को11536 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है.
दो गोल्ड माइंस की नीलामी भी करा चुकी है सरकार
इसके पूर्व राज्य सरकार तमाड़ प्रखंड स्थित परासी सोना खदान की नीलामी करा चुकी है. 69.240 हेक्टेयर में फैली परासी खदान में 9.894 लाख टन सोना अयस्क का भंडार है. वहीं खान विभाग ने प. सिंहभूम स्थित पहाड़डिया सोना खदान की नीलामी प्रक्रिया भी पूरी करायी . अब सरकार पलामू जिले के लेस्लीगंज स्थित ग्रेफाइट व क्वार्टज खदान की नीलामी की प्रक्रिया पूरी करा रही है.
