रांची : लोहरदगा के भाजपा नेता पंकज गुप्ता हत्याकांड का शूटर मेदुल हुआ अरेस्ट, हड़बड़ी में बिना देखे मारी थी गोली

रांची : लोहरदगा के भाजपा नेता पंकज लाल गुप्ता हत्याकांड में शामिल शूटर मेदुल को पुंदाग से गिरफ्तार कर लिया गया है. वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. इससे पहले पुलिस उसे बुधवार को कोलकाता से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रांची पहुंची. उसकी निशानदेही पर एक पिस्टल भी पुंदाग […]

रांची : लोहरदगा के भाजपा नेता पंकज लाल गुप्ता हत्याकांड में शामिल शूटर मेदुल को पुंदाग से गिरफ्तार कर लिया गया है. वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. इससे पहले पुलिस उसे बुधवार को कोलकाता से हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रांची पहुंची. उसकी निशानदेही पर एक पिस्टल भी पुंदाग से बरामद कर लिया है. उसने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है.
पुलिस की मानें तो मेदुल ने हत्याकांड में अपने सहयोगी के रूप में असलम का नाम बताया है, जो कि हत्या का मास्टरमाइंड है. यह भी बताया कि असलम ने पंकज लाल गुप्ता की पहचान मनोज शुक्ला के रूप में की थी. इसलिए उसने हड़बड़ी में बिना देखे मनोज की जगह पंकज को गोली मार दी. उसने यह भी बताया है कि मनोज की हत्या के बाद उसे एक लाख रुपये मिलने वाले थे, लेकिन पंकज गुप्ता की हत्या होने की वजह से उसे सुपारी के रकम भी नहीं मिले. बताया जाता है मेदुल ने अमन श्रीवास्तव की संलिप्तता के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है, क्योंकि उसके ही इशारे पर मनोज शुक्ला की हत्या की जानी थी. उसने कई अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी दी है. जिसके बारे पुलिस सत्यापन कर रही है. मेदुल से पूछताछ के बाद असलम सहित अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है.
उल्लेखनीय है कि अमन श्रीवास्तव गिरोह के छह अपराधियों को 26 मार्च को एके- 47 सहित अन्य हथियार और गोली के साथ गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद यह बात सामने आयी कि अमन श्रीवास्तव ने असलम के माध्यम से मनोज शुक्ला के दो सहयोगियों को अपने पक्ष में करके उसकी हत्या की योजना तैयार की थी. मनोज शुक्ला नगड़ी जाने वाला था. इसी दौरान नगड़ी के रामलाल स्वीट्स के पास अपराधियों ने 11 मार्च को पंकल लाल गुप्ता को मनोज शुक्ला समझा कर उनकी हत्या कर दी. हथियार के साथ गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को हत्याकांड में शामिल शूटर का नाम मेदुल और असलम बताया था. पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम को तत्काल कोलकाता भेजा गया था.
अमन के गिरोह में खलारी के गुर्गे भी हैं शामिल : पुलिस को मामले में अमन श्रीवास्तव गिरोह से जुड़े कुछ अन्य अपराधियों की जानकारी मिली है. यह भी पता चला है कि अमन श्रीवास्तव ने गिरोह में बाहर के सदस्यों को भी जोड़ा है. पुलिस इस बिंदु पर और अधिक जानकारी एकत्र कर रही है. इसके अलावा अमन श्रीवास्तव गिरोह में खलारी के कुछ लोगों के जुड़े होने की बात सामने आयी है. पुलिस इस बिंदु पर भी जानकारी एकत्र कर रही है कि अपराधियों के पास से बरामद एके-47 हथियार अमन श्रीवास्तव या उसके गिरोह के किसी सदस्य ने उग्रवादियों या नक्सलियों से तो हासिल नहीं किये. नक्सली या उग्रवादियों ने यह हथियार किसी पुलिस वाले से तो नहीं लूटे.

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