झारखंड : राजबाला वर्मा मामले में सरयू राय की असहमति पर सहमत हुआ रघुवर कैबिनेट

रांची : झारखंड की पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर आभार जताने के मामले में सूबे के खाद्य मंत्री सरयू राय के असहमत होने पर बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवरदास मंत्रिपरिषद की बैठक में सहमति बन गयी है. राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर आभार व्यक्त करने का फैसला रघुवरदास मंत्रिपरिषद […]

रांची : झारखंड की पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर आभार जताने के मामले में सूबे के खाद्य मंत्री सरयू राय के असहमत होने पर बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवरदास मंत्रिपरिषद की बैठक में सहमति बन गयी है. राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताकर आभार व्यक्त करने का फैसला रघुवरदास मंत्रिपरिषद की ओर से बीते छह मार्च को हुई बैठक में लिया गया था, जिस पर खाद्य मंत्री राय ने अपनी असहमति जाहिर की थी.

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बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि छह मार्च, 2018 को मंत्रिपरिषद बैठक में निवर्तमान मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के कार्यकाल को उत्कृष्ट बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त करने के निर्णय पर मंत्री सरयू राय की असहमति पर सहमति बन गयी है.

बयान में कहा गया है कि राय ने यह विषय बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक मे अन्यान्य कार्य मद में उठाया और आग्रह किया कि छह मार्च, 2018 की बैठक में हुए इस निर्णय को या तो विलोपित किया जाये या इस पर मेरी असहमति अंकित की जाये. मुख्यमंत्री रघुवरदास इस मामले में राय की असहमति दर्ज कराने पर सहमत हो गये.

इसके बाद राय ने कैबिनेट सचिव एसके रहाटे को इस बारे में अपनी असहमति दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरा करने के लिए कहा है, ताकि शीघ्र इस विषय का पटाक्षेप हो जाये. प्रक्रिया पूरा होने पर उनकी असहमति वैसे तमाम जगहों पर संसूचित कर दी जायेगी, जहां मंत्रिपरिषद के छह मार्च, 2018 के निर्णय का संसूचन हुआ है. राय ने इस विवादास्पद मामले मे अपनी असहमति दर्ज कराने पर राजी होने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि इससे एक स्वस्थ संसदीय परंपरा कायम होगी.

गौरतलब है कि बीते छह मार्च, 2018 को मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी. चिट्टी में मंत्री ने साफ तौर से कहा है कि जो बात मंत्रीपरिषद की बैठक में हुई नहीं है, उसे कैसे मुख्यमंत्री सचिवालय की प्रचार टीम ने मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया. दरअसल, छह मार्च को हुए मंत्रीपरिषद की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में गृह सचिव सह कैबिनेट सचिव एसकेजी रहाटे ने कहा था कि बैठक के दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा1983 बैच की अधिकारी राजबाला वर्मा ने 35 वर्षों की सेवा के बाद 28 फरवरी 2018 को सेवा निवृत्त हो गयी हैं.

उन्होंने कहा था कि वर्मा को एक कुशल एवं दक्ष प्रशासक के रूप में तथा मुख्य सचिव के पद पर सराहनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने तथा अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आभार प्रकट किया तथा उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी गयीं. खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने इसी मसले पर अपनी असहमति जतायी थी.

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