Ranchi News: सीबीएसई, आईसीएसई, झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की बोर्ड परीक्षाओं और नगर निगम चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बुधवार को अहम बैठक की. बैठक में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए. उपायुक्त ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट की ओर से ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए. वर्तमान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, जबकि आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षाएं फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक प्रस्तावित हैं. ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए.
लाउडस्पीकर और डीजे पर निगरानी
नगर निगम चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा प्रचार-प्रसार के लिए वाहनों में लाउडस्पीकर, डीजे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है. कई मामलों में निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि स्तर पाया गया है. उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संवेदनशील समय में तय सीमा से अधिक शोर पाए जाने पर संबंधित वाहन, प्रत्याशी और आयोजक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और उपकरणों की जब्ती की जाएगी. साथ ही जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. अधिकारियों को नियमित निगरानी और औचक जांच करने का निर्देश दिया गया है.
बार और ओपन रेस्टोरेंट भी रडार पर
बैठक में यह भी बताया गया कि शहर के कई बार, ओपन रेस्टोरेंट और अन्य सार्वजनिक व निजी स्थानों पर देर रात तक तेज ध्वनि में संगीत बजाया जा रहा है. ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा और चुनाव दोनों ही लोकतांत्रिक एवं शैक्षणिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण हैं. इसलिए शांति और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
क्या हैं निर्देश
- बोर्ड परीक्षा को लेकर अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से पढ़ाई, एकाग्रता और तैयारी में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है, इसलिए नियम का पालन जरूरी है.
- वृद्धजन, गर्भवती महिला और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी परेशानी हो रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
- ध्वनि प्रदूषण सीमा आवासीय क्षेत्र में दिन के दौरान 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल रहना चाहिए.
- वाणिज्यिक क्षेत्र दिन में 65 डेसिबल, रात में 55 डेसिबल होना चाहिए.
- लाउडस्पीकर व पब्लिक एड्रेस सिस्टम रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक बिना लिखित अनुमति के पूर्णतः प्रतिबंधित है.
- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लाउडस्पीकर से ध्वनि सीमा अधिकतम 75 डेसिबल से कम हो
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प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को निर्देश
- सभी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, बार व रेस्टोरेंट संचालक, आयोजक तथा आम नागरिक नियमों का पालन करें.
- परीक्षा काल में छात्रों की एकाग्रता और मरीजों की शांति बनाए रखने के लिए संवेदनशीलता बरतें.
- उल्लंघन की सूचना तत्काल स्थानीय थाना, अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय या जिला नियंत्रण कक्ष में दें.
- उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण नियमों और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
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