थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाइर टोली, तिगरा गांव में मंगलवार की रात एक कुएं से दो व्यक्तियों का शव बरामद किया गया. मृतकों की पहचान बेड़ो के जरिया निवासी बंधन भगत (47) और पुनई उरांव (57) के रूप में की गयी. दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं. दोनों शव करीब 30 फीट गहरे कुएं से बरामद किया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों चाचा-भतीजा रविवार को तिगरा गांव में आयोजित छोटका मेहमानी के रस्म में शामिल होने आये थे. कार्यक्रम के बाद से दोनों लापता थे. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला. मंगलवार देर रात ग्रामीणों की नजर कुएं में शव पर पड़ी, जिसकी पहचान पुनई उरांव के रूप में हुई. वहीं पास में एक चप्पल भी दिखा, जो बंधन उरांव की बतायी गयी. शक होने पर ग्रामीणों ने कुएं में झागर डालकर देखा तो बंधन का शव भी कुएं के अंदर ही मिला. इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों शवों को बाहर निकाला और उनकी पहचान की. मृतकों के स्वजन जरिया से तिगरा गांव पहुंचे और शवों को अपने साथ ले गये. बुधवार को मामला रातू थाना पहुंचने के बाद पुलिस टीम जरिया बेड़ो गयी और दोनों शवों को कब्जे में लेकर थाना लायी. मृतक पुनई की पुत्री चमेली उरांव के आवेदन पर यूडी केस दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
कुएं में शव होने की सूचना नहीं मिली :
थाना प्रभारी रामनारायण सिंह ने बताया कि प्रारंभिक सूचना पुलिस को सीधे नहीं दी गयी थी, लेकिन जानकारी मिलते ही कानूनी कार्रवाई की गयी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.
कुएं में नहीं है रेलिंग :
ग्रामीणों के अनुसार आशंका जतायी जा रही है कि दोनों व्यक्ति अंधेरे में दुर्घटनावश कुएं में गिर गयेे होंगे. गांव के बीच स्थित कुएं में किसी प्रकार की रेलिंग या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. जिससे इस तरह की दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
बेड़ो के जरिया गांव में मातम :
मृतक पुनई उरांव ने अपनी भांजी को बचपन से बेटी की तरह पाल-पोस कर बड़ा किया था और उसी की मेहमानी में बसाइर टोली आये थे. जानकारी के अनुसार बंधन उरांव जरिया मुखिया के देवर थे. दोनों चाचा-भतीजा की असमय मौत से बेड़ो के जरिया गांव में मातम पसरा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.