हर बार की तरह इस बार भी आम बजट को सत्ता पक्ष ने ऐतिहासिक बताने के साथ विजनरी बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे गरीब विरोधी बताया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बजट को न्यू इंडिया को मजबूत करने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता आम आदमी का स्वास्थ्य और किसानों की आमदनी है. विपक्षी दलों का कहना है कि गरीबों की जेब काट कर कारपोरेट घरानों को मजबूत करना जनता का मजाक उड़ाना है. बहरहाल बजट में बेराेजगारों, किसानों व महिलाओं के लिए जो कुछ भी तय किये गये हैं, वे कितने कारगर साबित होंगे, यह तो आनेवाला समय ही बतायेगा.
देश के समग्र विकास को समर्पित है बजट : रघुवर
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आम बजट गांव, गरीब और किसान के साथ-साथ देश के समग्र विकास को समर्पित है. यह बजट स्वतंत्र भारत का ऐतिहासिक बजट है. गरीब, किसान और मध्यम वर्ग की समस्या को दूर करने का पूरा प्रयास किया गया है. बजट लोगों को सशक्त करने वाला है.
कृषि उत्पादों के लिए स्टोरेज, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग के लिए योजना विकसित करने का कदम सराहनीय है. गोवर्द्धन योजना भी गांव को स्वच्छ रखने के साथ-साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगी. झारखंड के किसानों को इस बजट से काफी अपेक्षाएं थी, जो पूरा हुआ. 2022 तक हर गरीब को घर देने का लक्ष्य है.
शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकान बनाने की मंजूरी दी गयी है. वर्ष 2020 तक झारखंड के हर बेघर गरीब के सिर पर छत हो राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है. मुख्यमंत्री ने यह बातें गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कही. उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं को होम मेकर्स से नेशन मेकर्स के रूप में परिवर्तित करने का संकल्प लिया गया है.
इज ऑफ लिविंग की भावना का विस्तार उज्ज्वला योजना में भी दिखा है. यह योजना देश की गरीब महिलाओं को न सिर्फ धुएं से मुक्ति दिला रही है, बल्कि उनके सशक्तीकरण का भी बड़ा माध्यम बनी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने केंद्र का दायित्व संभालने के बाद से ही हमेशा से गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के प्रति सकारात्मक पहल की है.
पॉकेट पर बजट की मार, कोई राहत नहीं : हेमंत
प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में केंद्र सरकार ने अपनी चार साल की विफलताओं को स्वीकार किया है़ वित्त मंत्री ने स्वीकार किया है कि किसानों की हालत दयनीय व शिक्षा की गुणवत्ता खराब है. बेरोजगारी बड़ी समस्या है़
इस बजट ने लाेगों की जेब पर मार की है़ लोगों को कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन कर पर लगने वाले सेस को एक प्रतिशत बढ़ा दिया गया है़ श्री सोरेन ने कहा कि नौकरी पेशा और छोटे लोगों को राहत नहीं दी गयी है, लेकिन बिजनेस घरानों के लिए कॉरपोरेट टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट के साथ सात हजार करोड़ का लाभ दिया गया है़
वित्त मंत्री ने कहा है कि अब सांसदों का वेतन हर पांच वर्षों में संशोधित होगा और इसमें महंगाई की भरपाई की जायेगी़ लेकिन मनरेगा मजदूर, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा एवं दिव्यांगों के पेंशन और एसटी-एससी वर्ग की योजना के लोगों की महंगाई की भरपाई के लिए कुछ नहीं किया गया़ भाजपा सड़क से सदन तक झूठ बोल रही है़
चार वर्षों में एक भी स्मार्ट सिटी नहीं बनी, अब कह रहे हैं कि कुछ वर्षों में 99 स्मार्ट सिटी बना देंगे़ श्री सोरेन ने कहा कि वित्त मंत्री ने कहा था कि मुझे गर्व है कि हम बिजनेस फ्रेंडली हैं, इसी चरित्र ने चार वर्षों में देश को इस मुकाम तक पहुंचा दिया है़ उन्होंने कहा कि जनता ज्यादा इंतजार नहीं करेगी, वर्ष 2019 में उखाड़ फेंकेगी़
बजट न्यू इंडिया के सपने को धरातल पर उतारेगा
प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि यह बजट भारत को मजबूती प्रदान करने वाला है़ 21वीं सदी में न्यू इंडिया के सपनों को धरातल पर उतारने का प्रयास हुआ है. गरीबों के लिए घर, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, सिंचाई, बाजार विकास पर जोर देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है.
मध्यम वर्ग को राहत देने वाला ऐतिहासिक बजट
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग को राहत देने वाला है. महिला, युवा, उद्योग आदि हर वर्ग के लिए बजट में कुछ न कुछ है. उन्होंने कहा कि गरीब हमेशा बीमारी के इलाज के लिए परेशान रहता है. आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 50 करोड़ नागरिकों को पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिल पायेगा. यह एक ऐतिहासिक कदम है.
बजट से देश को विकास की नयी दिशा व गति मिलेगी
जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि बजट में गरीबों, किसानों एवं महिलाओं समेत सभी वर्गों के विकास पर ध्यान दिया गया है. इस बजट से देश को विकास की नयी दिशा व गति मिलेगी. इस बजट के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आयेगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए गोवर्द्धन योजना की शुरुआत की गयी है.
बजट में थोथी बातें, केवल भ्रामक दावे
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि बजट में पूरी तरह थोथी बातें है़ं इसमें भ्रामक दावे पेश किये गये है़ं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तबाह कर रहे कृषि संकट को हल करने की दिशा में कोशिश नहीं की गयी़ लेकिन 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के खोखले वादे फिर किये गये है़ं पूंजीपतियों पर टैक्स लगाने का कोई प्रावधान इसमें नहीं लाया गया है़
हवा हवाई व किसान विरोधी है बजट
चारा घोटाला मामले में जेल में बंद लालू प्रसाद कोर्ट में पेश होने आये थे़ कोर्ट से निकलने बाद उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट हवा हवाई और किसान विरोधी है़ मोदी ने कहा था कि किसानों का कर्ज माफ होगा. कर्ज माफ हुआ क्या, नहीं हुआ़ किसानों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है़ देश में बेरोजगारों की फौज है़ उनके लिए कुछ नहीं किया गया़
इनकी घोषणा और वादों पर विश्वास करना मुश्किल
झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बजट में कह रहे हैं कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे़ यह घोषणा पत्र में भी था़ चार वर्षों में इस दिशा में कुछ नहीं किया़़ चुनाव के समय घोषणा हुई थी कि महंगाई कम करेंगे, काला धन वापस लायेंगे, दो करोड़ लोगों को नौकरी देंगे़ इन वादों पर केंद्र सरकार खरा नहीं उतरी, तो अब इनके बजट घोषणाओं पर कौन भरोसा करेगा़
मतदाताओं को रिझानेवाला बजट, ठगने वाला वादा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा है कि बजट मतदाताओं को रिझाने के लिए एक बाध्यकारी कोशिश है़ एनडीए के चुनावी घोषणा पत्र में वर्ष 2014 में किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुणा दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में दिये जाने का वादा किया था, जिसे चुनाव पूर्व बजट में याद किया गया लेकिन समय रहते इस पर अमल नहीं किया गया़
गांव-किसान पर जोर, स्वस्थ समाज बनानेवाला बजट
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने कहा है कि केंद्रीय बजट में गांव और किसान पर जोर है़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है़ केंद्र सरकार गांव में बुनियादी सुविधा और किसानों को खुशहाल बनाने के लिए संरचनाओं को सुदृढ़ करना चाहती है़ इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने का नया विजन इस बजट में है़ कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और इसके बाजार को सुदृढ़ करने का सार्थक प्रयास किया गया है़ इसके साथ हेल्थ सेक्टर में विशेष ध्यान दिया गया है़
न्यू इंडिया का सपना साकार होगा
भाजपा कार्यसमिति के सदस्य अजय दुबे ने कहा है कि बजट ऐतिहासिक है़ गांव से शहर तक नये दृष्टिकोण के साथ बजट तैयार किया गया है़ न्यू इंडिया का सपना साकार करने वाला बजट है़ किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत करने से लेकर उद्योग जगह को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर विजन के साथ बजट पेश किया गया है़ सरकार ने सबका ख्याल रखा है़
हर तबके के हितों का
ध्यान रखा गया है
कोयलांचल के पूर्व आइजी लक्ष्मण सिंह ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग के टैक्स रेट में पांच फीसदी की कटौती कर दी गयी है. अब 30 की जगह 25 फीसदी ही टैक्स देना होगा. बजट में छोटे व्यापारियों के मदद की कई योजनाएं हैं. बजट में हर तबके का ध्यान रखा गया है. इसका दूरगामी असर होगा.
स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति आयेगी
स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि केंद्रीय बजट से स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति आयेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के गरीबों का पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा होगा. बजट में गरीब, किसानों का खास ख्याल रखा गया है. कुल मिला कर बजट नये भारत के निर्माण में सहयोगी साबित होगा.
संकटग्रस्त जनता के
लिए कोई राहत नहीं
भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि बजट-2018 से संकट ग्रस्त जनता को कोई राहत नहीं मिली है. वित्त मंत्री ने पूर्व की तरह ही बजटीय घोषणाओं को लागू करने के लिए आवंटन राशि का ठोस प्रावधान किये बगैर ही सिर्फ बयानबाजी की है. देश भर में किसान संगठनों द्वारा उठायी जा रही कर्ज मुक्ति की मांग पर सरकार चुप है. इसी तरह ट्रेड यूनियनों तथा कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तथा समान काम का समान वेतन देने के मामले में भी चुप्पी साध ली गयी है.
बजट ने 80 प्रतिशत
आबादी की कमर तोड़ दी
राजद की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आम बजट कुछ खास लोगों और घरानों के लिए है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश की 80 प्रतिशत आबादी की कमर तोड़ दी. इस बजट में मिडिल क्लास के लिए कुछ भी नहीं है. जनता की जेब पर बोझ देनेवाला बजट है. इनकम टैक्स की दरों में बदलाव नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि बजट का नकारात्मक प्रभाव वित्त मंत्री के भाषण शुरू होते ही दिखने लगा था. सेंसेक्स का नीचे गिरना इस बात को दर्शाता है. किसान, युवा और गरीबों के लिए बजट में कुछ नहीं है.
वास्तविकता से दूर है बजट, किसी को कुछ नहीं मिला
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि केंद्रीय बजट वास्तविकता से दूर है़ किसानों से लेकर युवाओं के लिए कोई कारगर दृष्टि नहीं दिख रही है़ गरीबों के विकास का विजन भी नहीं है़ कांग्रेस नेता सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि बजट में वित्तीय अनुशासन नहीं है़ कांग्रेस नेता निरंजन शर्मा ने कहा कि बजट ने निराश किया है़ मेहनतकश लोगों को इसमें कुछ नहीं हासिल हुआ़
फिर सपना दिखाने का काम किया, हकीकत से दूर
झाविमो नेता बंधु तिर्की ने कहा कि बजट कोरा सपना दिखाने वाला है़ यह हकीकत से काफी दूर है़ किसानों और गरीबों की आय कैसे बढ़े, इसको लेकर कोई कार्य योजना नहीं दिखती है़ चुनाव को ध्यान में रख कर वादों से भरा बजट केंद्र सरकार ने पेश किया है़ अपने पुराने वादे भूल गये है़ं देश में किसानों की हालत बदतर है़ एकबार फिर इसको लेकर घोषणा हुई है़ शहरी गरीबी उन्मूलन के लिए भी कहीं कुछ नहीं दिख रहा है़
बजट विकास की
गति बढ़ाने वाला
प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह बजट विकास की गति बढ़ाने वाला है. दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस योजना के तहत 50 करोड़ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा देने का निर्णय ऐतिहासिक है. इसके अतिरिक्त किसानों को उनकी फसल की लागत मूल्य का डेढ़ गुना देने की घोषणा और सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देना स्वागत योग्य है.
