CM ने पूछा : बजट में आपको क्या चाहिए? लोग बोले : DU जैसी यूनिवर्सिटी, AIIMS जैसा अस्पताल, हैदराबाद जैसी IT कंपनियां और दिल्ली जैसी सड़कें

रांची : बजट का समय करीब आ रहा है. झारखंड सरकार भी इसकी तैयारियों में जुटी हुई है. सरकार ने ट्विटर के जरिये लोगों से पूछा कि आपको बजट में क्या चाहिए, तो लोगों ने दनादन अपनी ख्वाहिशें ट्वीट करके बता दीं. लेकिन, संतोष कुमारकेएक ट्वीट ने वो सारी मांगें रख दीं, जिसकी जरूरत झारखंड […]

रांची : बजट का समय करीब आ रहा है. झारखंड सरकार भी इसकी तैयारियों में जुटी हुई है. सरकार ने ट्विटर के जरिये लोगों से पूछा कि आपको बजट में क्या चाहिए, तो लोगों ने दनादन अपनी ख्वाहिशें ट्वीट करके बता दीं. लेकिन, संतोष कुमारकेएक ट्वीट ने वो सारी मांगें रख दीं, जिसकी जरूरत झारखंड को है. संतोष ने लिखा, ‘दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) जैसी यूनिवर्सिटी,ऑलइंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेज (AIIMS) जैसा मेडिकल कॉलेज, हैदराबादएवं गुजरात जैसी IT मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां और दिल्ली जैसी सड़कें!!’

ट्विटर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लिखा कि वह पाकुड़ आ रहे हैं, लोग आगामी बजट में क्या चाहते हैं, उस पर अपनी सुझाव दे सकते हैं, तो जवाब में लोगों ने कहा कि झारखंड के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उपाय होने चाहिए. फैक्ट्रियां खुलनी चाहिए. शिक्षा व्यवस्था में सुधार होनी चाहिए. बड़ी संख्या ऐसे लोगों की रही, जिन्होंने सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सीएम से कदम उठाने की अपील की है. दीपक कुमार लिखते हैं कि शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए दाखिले की प्रक्रिया का ऑनलाईन सिस्टम तैयार करें. साथ ही उसकी निगरानी की भी व्यवस्था की जाये.

दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का स्तर ऐसा बनायेंकि झारखंड के बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए किसी और राज्य में न जाना पड़े. रवीश कुमार लिखते हैं, ‘जो छात्र सिर्फ डिग्री लिये घूम रहे हैं, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करायें, ताकि उन्हें इधर-उधर न भटकना पड़े. झारखंड में प्रतिभावान छात्रों की कमी नहीं है.’

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लोगों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपने गुस्से का भी इजहार किया है. महेंद्र चौधरी लिखते हैं, ‘कभी जनता के विकास के बारे में भी सोच लिया करें. वरना जनता धोखा 5 साल ही सहेगी.’ वह आगे लिखते हैं, ‘पूरे सूबे में किसी विषय पर कोई काम नहीं. अधिकारी सिर्फ प्रचार में लगे हैं…!! मंत्री जी को खुश रखते हैं अधिकारी…!! पर यह चलेगा सिर्फ 5 साल…!!’ रवि रंजन कुमार लिखते हैं, ‘सरकारी नौकरी में हो रही दलाली को पहले रोकिये.’

लोगों का गुस्सा यहीं नहीं रुका. उमा शंकर ने तो सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवारों का बिजली बिल 120 रुपये से 205 रुपये कर दिया है. इससे बीपीएल परिवार के लोग मुख्यमंत्री से खफा हैं. उनका बिल कम कर दिया जाना चाहिए. बलराम पासवान का गुस्सा देखिये, ‘शिक्षा और रोजगार सबसे ज्यादा जरूरी है. शायद हमसे ज्यादा आपको जानकारी है कि हमें बजट में क्या चाहिए सर.’

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सरकार के शराब बेचने के फैसले से खफा शुभम ने भी सीएम को खूब खरी-खोटी सुनायी. साथ ही राज्य में शराबबंदी लागू करने की सलाह भी दे डाली. उन्होंने लिखा, ‘सर जी, आप तो कमाल कर दिये! जनता के पैसे से जनता को शराब बेचकर. फिर जनता को ही ठग रहे हो.वाह सर जी, क्या प्यार है. सर जी, झारखंड की जनता को सरकारी शराब की दुकान से शराब की जो लत लगवा रहेहैं, बंद कर दें. पूरे झारखंड प्रदेश में शराबबंदी कर दीजिए. हम सब झारखंड के लोग आपके साथ हैं.’

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