रामगढ़ : केंद्र सरकार द्वारा राज्य के खनिज संसाधनों पर राज्य सरकार के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विरोध जताया है. झामुमो के जिला संयोजक मंडली प्रमुख बिनोद किस्कू ने प्रेस वार्ता में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित कानून से राज्य की जनता को नुकसान होगा और झारखंड के विकास पर भी इसका असर पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि इस कानून के विरोध में झामुमो की ओर से 31 अगस्त से जनजागरण अभियान चलाया जायेगा. 7 सितंबर को सभी प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन कर कानून का विरोध किया जायेगा. इसके बाद भी केंद्र सरकार कानून वापस नहीं लेती है, तो झामुमो की केंद्रीय समिति के निर्णय के बाद झारखंड से खनिज संसाधनों को बाहर ले जाने का विरोध किया जायेगा.
ये भी पढ़ें: रामगढ़ में नेचुरल गैस पाइपलाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध, ग्रामीणों ने गांव के बाहर से पाइपलाइन बिछाने की मांग की
छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा पर निशाना
बिनोद किस्कू ने कहा कि भाजपा छात्र आंदोलन के नाम पर राजनीति कर रही है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को पूरा करने की पहल की है और मामले की जांच सीआइडी व ईडी से करायी जा रही है.
उन्होंने रांची में मुख्यमंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम को झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा विफल किये जाने के बाद रांची सांसद की ओर से मुख्यमंत्री को कथित धमकी दिये जाने को कानूनी अपराध बताया और कार्रवाई की मांग की.
प्रेस वार्ता के दौरान कई कार्यकर्ता मौजूद रहे
प्रेस वार्ता के दौरान संतोष कुमार, शोयर मांझी, यदु साव, अरुण बनर्जी, किशोर मोदक, गीता देवी, रेणु देवी, राजरानी, मो मुमताज मंसूरी, शकलदेव करमाली, कमलेश पांडेय, जग्गु करमाली, कुंवर महतो, प्रमिला देवी, जावेद आलम और बिट्टू खान समेत झामुमो के कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
ये भी पढ़ें: मरकच्चो में 10 लाख के मोबाइल उड़ा ले गये चोर, भागते समय छोड़ गये सुराग; जांच में पुलिस जुटी
