उरीमारी. बरका-सयाल क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय में सोमवार को संयुक्त मोर्चा ने एकदिवसीय महाधरना प्रदर्शन किया. बैठक में कोयला मजदूरों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से वक्ताओं ने रखा.
बैठक में एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि लंबे समय से मजदूरों की कई मांगें प्रबंधन व संबंधित स्तर पर लंबित हैं. इन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से मजदूरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. मजदूरों के अधिकारों व लंबित मांगों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
धरना-प्रदर्शन के दौरान जेबीसीसीआई-12 का शीघ्र गठन, जेबीसीसीआई-11 के लंबित समझौतों एवं मुद्दों को तत्काल लागू करने तथा चारों लेबर कोड को रद्द करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. मजदूरों के हित में लंबित समझौतों को लागू करना प्रबंधन और सरकार की जिम्मेदारी है.
घरना में वक्ताओं ने कहा कि कोयला उद्योग के मजदूर लगातार अपने श्रम व मेहनत से उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान में लगातार देरी की जा रही है. यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा.
धरना में विंध्याचल बेदिया, वासुदेव साव, देवेंद्र सिंह, संजय शर्मा, संजय मिश्रा, जीपीएम सिन्हा, अर्जुन सिंह, संजय वर्मा, अशोक शर्मा, विनोद साव, अशोक गुप्ता, रमाकांत दुबे, दशरथ कुर्मी, जगन्नाथ पासवान, संजय यादव, सुशील सिंह, विमल श्रीवास्तव, योगेंद्र पांडेय, बुजनंदन पासवान, डीपी मेहता, वरुण कुमार, सुदेश प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, शंकर सिंह, कैलाश शर्मा, आजाद भैया, नरेश महतो और शशिभूषण सिंह उपस्थित थे.
