पतरातू. प्रखंड अंतर्गत सांकुल पंचायत के ग्रामीणों ने अवैध बालू उठाव के खिलाफ आक्रोश जताते हुए मोर्चा खोल दिया. सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बालू उठाव का कार्य रुकवा दिया. आंदोलन का नेतृत्व समाजसेवी विनोद साव ने किया.
टेंडर नहीं होने के बावजूद उठाव का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि राज्य में एनजीटी के निर्देश लागू हैं और सांकुल बालू घाट का टेंडर भी नहीं हुआ है. इसके बावजूद गुरुदेव जी ट्रेडिंग कंपनी द्वारा बड़ी मशीनों और हाइवा के माध्यम से बालू का उठाव किया जा रहा है. ग्रामीणों ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की.
स्थानीय लोगों को बालू नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों ने कहा कि बड़े पैमाने पर बालू उठाव के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना, सरकारी निर्माण कार्य एवं अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि नियम के तहत बालू लेने जाने पर उन्हें सादे कागज का चालान दिया जाता है और काफी अधिक कीमत वसूली जाती है.
घाट निर्माण में सहयोग का दिया हवाला
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पहले सांकुल पंचायत के लोगों ने घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्ते के निर्माण में सहयोग किया था. इसके बावजूद आज स्थानीय ग्रामीणों को ही बालू के लिए परेशान होना पड़ रहा है. इससे कई लोगों के रोजी-रोजगार और निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
तालमेल से काम करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी स्थानीय लोगों के साथ तालमेल बनाकर कार्य करे तो ग्रामीणों को उचित कीमत पर बालू उपलब्ध हो सकता है और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने ग्रामीणों की सहमति और सहयोग के साथ कार्य नहीं किया तो आने वाले दिनों में इसका जोरदार विरोध किया जाएगा. साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर अवैध बालू उठाव पर कार्रवाई करने की मांग की.
