रामगढ़ः फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित साहू ने केंद्र सरकार से यूपीआई के माध्यम से लेनदेन पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव को अविलंब वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यूपीआई और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने से देश ने डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. ऐसे में इस पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए.
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने से बढ़ा कारोबार
अमित साहू ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रचार-प्रसार कर रही है. लोगों को डिजिटल माध्यम से लेनदेन करने के लिए प्रेरित किया गया. इसका परिणाम है कि आज भारत पूरे विश्व में डिजिटल पेमेंट लेनदेन के क्षेत्र में नंबर वन की श्रेणी में खड़ा है.
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शुल्क लगाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग
उन्होंने कहा कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के विषय पर केंद्र सरकार को सोच-विचार और गहन मंथन करने की आवश्यकता है. डिजिटल पेमेंट के लेनदेन पर लगाए जाने वाले टैक्स को लेकर सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए. इससे कारोबारियों पर पड़ने वाले संभावित असर को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
कारोबारी यूपीआई भुगतान से कर सकते हैं परहेज
अमित साहू ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस विषय पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में देश के करोड़ों कारोबारी यूपीआई पेमेंट के माध्यम से लेनदेन करने पर एक बार फिर विचार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति का खामियाजा केंद्र सरकार को भुगतना पड़ सकता है.
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