रामगढ़. रामगढ़ में शांतिधारा फाउंडेशन का 15वां सम्मान समारोह आयोजित हुआ. यह कार्यक्रम गांधी चौक स्थित स्पाइस गार्डन में हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन संस्था के संस्थापक अध्यक्ष सुरेश पी अग्रवाल ने की.
समारोह की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसे कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद लाल अग्रवाल ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सचिव मनजीत साहनी ने किया. इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ के चंद्रा ने फाउंडेशन के तीन लगातार चलने वाले कामों - चावल सेवा, श्रीमद्भगवद् गीता सेवा और पुस्तक सेवा- की जानकारी दी.
चावल सेवा के तहत जरूरतमंदों को हर महीने अनाज दिया जाता है, ताकि वे भूखे न रहें. श्रीमद्भगवद् गीता सेवा के ज़रिए लोगों को जीवन के मूल्यों और अध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ा जाता है, ताकि उन्हें सही राह मिल सके. पुस्तक सेवा के माध्यम से ज्ञान फैलाया जाता है. जरूरतमंद छात्रों और अन्य लोगों को किताबें दी जाती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और ज्ञान पाने में मदद मिले.
ये भी पढ़ें: दनुआ घाटी में फ्लाइओवर निर्माण की राह हुई आसान, NHAI को टेस्टिंग की मिली हरी झंडी
कार्यक्रम में समाज सेवा, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में संस्थाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम में समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और उद्योग के क्षेत्र में खास योगदान के लिए चार जाने-माने लोगों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया. मारवाड़ी महिला समिति को समाज सेवा में उनके खास योगदान के लिए शांतिधारा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया. श्याम सुंदर परसरामपुरिया को वयो-श्री सम्मान दिया गया. प्रो प्रणीत कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम के लिए शिक्षा सम्मान से नवाजा गया.
रिटायर सिविल सर्जन डॉ गीता सिन्हा मानकी को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके खास काम के लिए चिकित्सा सम्मान दिया गया. सभी सम्मानित खास मेहमानों को पौधा, श्रीमद्भगवद् गीता की किताब, शॉल और सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया. सम्मान प्राप्त करते समय सम्मानित व्यक्तियों के चेहरों पर गर्व और संतोष का भाव स्पष्ट झलक रहा था.
समारोह में इन लोगों की रही मौजूदगी
डॉ राजीव कुमार गुप्ता, रमन मेहरा,डॉ शरद जैन, प्रभात कुमार अग्रवाल, रतन कुमार जैन, राजेश कुमार अग्रवाल, सुरेश बगड़िया, तेजिंदर सिंह सोनी, ओंकार मल्होत्रा, जीवन मल जैन, पिंकी अग्रवाल के समेत कई अन्य महिला-पुरुष भी मौजूद थे.
ये भी पढ़ें: RIMS की 60 साल पुरानी बिल्डिंग का चल रहा जीर्णोद्धार, वार्ड किये जा रहे दुरुस्त
