रामगढ़. झारखंड साहित्य संगम रामगढ़ जिला इकाई की ओर से रविवार को रोटरी क्लब, मेन रोड रामगढ़ में हिंदी दिवस पखवारे के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. अध्यक्षता सरोज झा झारखंडी ने की और संचालन आबिद अली आबिद ने किया.
विचार गोष्ठी में उर्दू साहित्यकार सह रामगढ़ महाविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ शाहनवाज खान ने कहा कि हिंदी विविधता, संस्कृति, संवेदना और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम है. लेखन जनहित, शिक्षा, जागरूकता और समाज सुधार का संदेश देने वाला होना चाहिए.
अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध कवि सह वरिष्ठ पत्रकार सरोज झा झारखंडी ने साहित्यकारों से लेखन के माध्यम से समाज को सही दिशा देने और क्षेत्रीय भाषाओं को बचाये रखने का आह्वान किया. प्रसिद्ध हिंदी व्यंग्य कवि उदय नाथ मिश्रा ने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी लेखन ज्ञान, जागरूकता और चिंतन को बढ़ावा देने के साथ नयी पीढ़ी और नयी तकनीक से हिंदी को जोड़ रहा है.
कार्यक्रम में खोरठा भाषा के विद्वान लेखक गजाधर महतो प्रभाकर की तीन पुस्तिकाओं का लोकार्पण किया गया. इनमें खोरठा लघुकथा ‘मरीचिका’, खोरठा कविता संग्रह ‘गांधी मानस’ एवं ‘कोढ़ी आर फूल’ शामिल हैं.
कार्यक्रम के अंत में झारखंड साहित्य संगम रामगढ़ जिला इकाई का पुनर्गठन किया गया. सरोज झा झारखंडी एवं गजाधर महतो प्रभाकर को संरक्षक, डॉ शाहनवाज खान को अध्यक्ष, प्रो उत्तम कुमार को सचिव, उदय नाथ मिश्रा एवं आबिद अली आबिद को उपाध्यक्ष तथा प्रो रेवालाल पटेल एवं हाफिज साजिद को सह सचिव चुना गया. कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रो ताराशंकर अग्रवाल, अधिवक्ता जसीम अंसारी एवं अफजल अंसारी का चयन किया गया.
