रामगढ़. रांची में जेपीएससी, जेएसएससी एवं सीजीएल सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ झारखंड बंद का असर मंगलवार को रामगढ़ में भी देखने को मिला. बंद के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए.
भाजपा रामगढ़ जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बाबला के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों और मंडलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. रामगढ़ शहर में सुबह करीब नौ बजे कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर आवागमन बाधित किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
सुभाष चौक के आसपास जेसीबी और बैरिकेडिंग के जरिए सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही. मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. हालांकि आवश्यक और आकस्मिक सेवाओं से जुड़े वाहनों का आवागमन सामान्य रूप से जारी रहा. *छात्रों पर कार्रवाई को बताया दुर्भाग्यपूर्ण.
जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बाबला ने कहा कि अपने अधिकार और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. भाजपा युवाओं के साथ खड़ी है और उनके न्यायपूर्ण संघर्ष को आगे बढ़ाती रहेगी. *परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग.* उन्होंने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी एवं सीजीएल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
झारखंड बंद के दौरान रामगढ़ के अन्य प्रखंडों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई. इस दौरान संजीव कुमार बावला, रंजय कुमार कुंटु बाबू, प्रोफेसर संजय सिंह, राजू चतुर्वेदी, सुशांत कुमार पांडेय, छोटन सिंह, शिव कुमार महतो, शीतल सिंह, शशि शेखर सिंह, ऋषिकेश सिंह, सुदीप मिश्रा, रोशन जायसवाल, अमित ठाकुर, सुनील साहू, तरुण साहू, राजेश ठाकुर, जगदीश शर्मा, चंद्रशेखर वर्मा, सत्यजीत सिंह, मणि शंकर ठाकुर, मंटू त्रिपाठी, रूपा साहू, निरंजन कुमार, नरेश कुमार, सूरज पासवान, सूर्यवंश श्रीवास्तव, अजीत गुप्ता, प्रवीण सोनू, संजय सिंह सिसोदिया, जीतू यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.
