रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र में 254 अस्थायी दुकानें बनकर तैयार, 10 अगस्त को लॉटरी से होगा आवंटन

रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र में पुनर्वास के तहत 254 अस्थायी दुकानें बनकर तैयार हैं. 10 अगस्त को लॉटरी के जरिए इनका आवंटन किया जाएगा. पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें.

रजरप्पा से शंकर पोद्दार की रिपोर्ट

रजरप्पा: देश के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिके मंदिर के पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार को लेकर रजरप्पा में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं. झारखंड उच्च न्यायालय के सख्त निर्देश के बाद करीब 102 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर प्रक्षेत्र का कायाकल्प किया जा रहा है.

रामगढ़ जिला प्रशासन द्वारा पिछले कई माह से चरणबद्ध तरीके से विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है. इसी क्रम में विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गयी है. मंदिर प्रक्षेत्र में लगभग 52 लाख रूपये की लागत से बांस-बली और शीट से 8×8 फीट आकार की 254 अस्थायी दुकानों का निर्माण पूरा कर लिया गया है.

सभी दुकानों की नंबरिंग भी कर दी गयी है. अब इनके आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी. इस संदर्भ में रामगढ़ एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की ने बताया कि 10 अगस्त को लॉटरी के माध्यम से 254 दुकानों का आवंटन किया जायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानों के आवंटन के बाद सरकारी भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

16 अप्रैल को ध्वस्त की गयी थीं 254 दुकानें

उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद मंदिर प्रक्षेत्र के पुनर्विकास के लिए जिला प्रशासन ने 16 अप्रैल को 254 दुकानों को ध्वस्त किया था. इसके बाद से मंदिर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी गयी है. जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार मंदिर प्रक्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की निगरानी की जा रही है.

प्रवेश-निकास से लेकर नदी घाटों तक होगा विकास

पुनर्विकास योजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था की जायेगी. कतार कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाले पुल के साथ भव्य एंट्री और एग्जिट गेट का निर्माण किया जाना है. दामोदर और भैरवी नदी के किनारे चौड़ी सीढ़ियों के साथ स्नान घाट, छठ घाट और रैंप का निर्माण भी प्रस्तावित है.

इसके अलावा श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थल, बस स्टैंड, व्यूइंग डेक और चेंजिंग रूम विकसित किये जायेंगे. इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन और अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी.

डिजिटल चढ़ावा और आधुनिक ड्रेनेज की भी व्यवस्था

मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है. क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल चढ़ावे, कैंपस ड्रेनेज और अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) की व्यवस्था की जायेगी. वहीं विस्थापित दुकानदारों के व्यवस्थित पुनर्वास के साथ रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के अनुकूल विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है. पुनर्विकास पूरा होने के बाद मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ इसकी भव्यता में भी काफी वृद्धि होने की उम्मीद है.


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लेखक के बारे में

By सुरेंद्र कुमार

सुरेंद्र कुमार चितरपुर क्षेत्र से प्रभात खबर के साथ लगभग 30 वर्षों से जुड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. समाचार संकलन के दौरान सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक तथा जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. वह निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के प्रति सदैव प्रतिबद्ध हैं.

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