Patratu: पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एके सहगल ने प्रेस वार्ता में बताया कि वर्तमान में पीवीयूएनएल की विद्युत उत्पादन क्षमता 1600 मेगावाट है. पहले चरण की तीसरी 800 मेगावाट इकाई को 15 मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि पुराने ताप विद्युत संयंत्र के स्थान पर अत्याधुनिक सुपर क्रिटिकल एवं पर्यावरण अनुकूल संयंत्र स्थापित करने का उद्देश्य तेजी से पूरा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत पतरातू में 800-800 मेगावाट की कुल पांच इकाइयां स्थापित की जानी है.
इसी माह शुरू हुई है एक इकाई
पहले चरण में तीन इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है. इनमें पहली इकाई पांच नवंबर 2025 को और दूसरी इकाई 25 जून 2026 को वाणिज्यिक उत्पादन से जुड़ चुकी है. तीसरी इकाई का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसे भी चालू वित्तीय वर्ष के भीतर उत्पादन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं दूसरे चरण की शेष दो इकाइयों की स्वीकृति एवं निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं.
रोजगार के मुद्दे पर सीईओ ने क्या कहा
रोजगार के मुद्दे पर सीईओ ने कहा कि पीवीयूएनएल की प्राथमिकता रामगढ़ जिले और झारखंड के स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है. निर्माण कार्य के दौरान परियोजना में करीब आठ से नौ हजार श्रमिक कार्यरत थे. अब दो इकाइयों के चालू होने के बाद संचालन एवं अनुरक्षण (ओएंडएम) कार्यों में भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है. अनुभवी स्थानीय कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य से जोड़ा जा रहा है.
500 लोग जुड़े हैं सहकारी समितियों से
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जुलाई से छह सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनसे वर्तमान में 400 से 550 लोग जुड़े हैं. भविष्य में इन समितियों को ओएंडएम कार्यों सहित अन्य गतिविधियों में भी अवसर दिए जाएंगे. फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों के निर्माण के माध्यम से भी स्वरोजगार को बढ़ावा देने की योजना पर काम चल रहा है. महिला सशक्तिकरण के तहत 30 गांवों की 30 महिलाओं को 15 दिवसीय प्रशिक्षण देकर फ्लाई ऐश से सजावटी एवं उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है.
20 युवाओं को मिलेगाी स्पेशल ट्रेनिंग
इन उत्पादों को झारक्राफ्ट सहित अन्य बाजारों से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है.सीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विद्युत वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए रामगढ़ जिले के आसपास के गांवों के 20 युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में चार माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण में 11 केवी ट्रांसफॉर्मर के रखरखाव के साथ सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षित युवा स्वरोजगार स्थापित कर सकें और राज्य की विद्युत व्यवस्था को भी सहयोग दे सकें.
ये लोग थे मौजूद
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले तीन माह के भीतर पीवीयूएनएल प्लांट गेट से पतरातू रेलवे गेट तक मुख्य सड़क के किनारे सोलर हाईमास्ट/सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी. इससे रात के समय आवागमन सुरक्षित होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी. मौके पर ईडी प्रोजेक्ट अनुपम मुखर्जी, जीएम ओएंडएम मनीष खेत्रपाल, जियाउर रहमान, अमित रौतेला, लाची गोला, सीएमओ शिप्रा रानी उपस्थित थे.
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