केदला. सीसीएल की परेज पूर्वी उत्खनन परियोजना में तीन माह से बंद लोकल सेल को चालू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को मुंशियों ने करीब चार घंटे तक परियोजना का काम ठप रखा. आंदोलनकारी परियोजना के चेक पोस्ट पर एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान कोयला उत्पादन सहित परियोजना के अन्य कार्य प्रभावित रहे.
मुंशी हीरालाल प्रसाद ने कहा कि परियोजना प्रबंधन ने पिछले तीन माह से लोकल सेल बंद कर रखा है. उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टिंग के लिए कोयला उपलब्ध है, लेकिन लोकल सेल के लिए कोयला नहीं दिया जा रहा है. लोकल सेल बंद रहने से परियोजना के आसपास के उल्हरा, बंजी, बिरहोर टोला, टांग टोला और बरसोम सहित अन्य गांवों के मजदूरों व मुंशियों के सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गयी है.
मुंशियों ने सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक परियोजना का कोयला उत्पादन और अन्य काम ठप रखा.
प्रबंधन से वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित
चार घंटे की बंदी के बाद खान प्रबंधक सतीश कुमार और मुंशियों के बीच वार्ता हुई. प्रबंधक ने बताया कि सात सितंबर को 10 हजार टन आरओएम कोयले का ऑफर दिया गया है. इसके बाद विधिवत रूप से लोकल सेल का संचालन किया जायेगा.
प्रबंधन के आश्वासन के बाद मुंशियों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया. हालांकि, मुंशियों ने जल्द 30 हजार टन कोयले का ऑफर देने की मांग की. उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में फिर जोरदार आंदोलन किया जायेगा.
आंदोलन में तालो मांझी, शमीम अंसारी, शिवा गंझू, विजय हेम्ब्रोम, शैलेंद्र सिंह, विश्वनाथ तुरी, पिंटू सिंह, शिकारी मांझी, संजुल टुडू, मरिया दास हांसदा, इस्लाम अंसारी, उमेश गंझू, विजय मुर्मू और जाकिर हुसैन सहित दर्जनों मुंशी शामिल थे.
