रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्ट
Ramgarh News: झारखंड के मनरेगा कर्मी अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले तीन महीनों से आंदोलनरत हैं. इसी क्रम में मंगलवार को भी रामगढ़ जिले के सभी मनरेगा कर्मी उपायुक्त कार्यालय के पास आयोजित अनिश्चितकालीन धरना में शामिल हुए. धरना की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद ने की. मनरेगा कर्मियों ने बताया कि अपनी मांगों के समर्थन में 10 जून को रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में धरना दिया जाएगा. इसके बाद मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया जाएगा. यह आंदोलन प्रदेश के सभी पांचों प्रमंडलों के मनरेगा कर्मियों द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है.
सम्मानजनक सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा की मांग
धरना को संबोधित करते हुए कर्मियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक प्रभाव का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्याओं और उपेक्षा के खिलाफ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग को लेकर किया जा रहा है.
मानदेय में असमानता पर जताई नाराजगी
मनरेगा कर्मियों ने कहा कि एक ही व्यवस्था में काम करने के बावजूद वेतन में भारी असमानता है. राज्य स्तर के कर्मियों को ग्रेड-पे का लाभ मिलता है, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों कर्मियों को मात्र 12 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है. कम मानदेय के कारण उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. कर्मियों ने यह भी कहा कि अब तक 156 मनरेगा कर्मियों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके परिवार आज भी सामाजिक और आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं. धरना का संचालन जिला सचिव ने किया. मौके पर लखन मुंडा, गणेश राम, राज कपूर, रामबालेश्वर महतो, दशरथ यादव, इकराम उल हक, विजय शर्मा सहित जिले के बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मी उपस्थित थे.
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