रजरप्पा. रजरप्पा कोयलांचल क्षेत्र में प्रकृति और लोक आस्था का पर्व करम मंगलवार को हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया. पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा. रजरप्पा, चितरपुर, मारंगमरचा, छोटकीपोना, बड़कीपोना, मुरुबंदा, बोरोबिंग, मायल समेत आसपास के गांवों में मंदिर परिसरों और घरों के आंगन में करम डाल की स्थापना की गयी.
इसके बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से करम देव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. पूजा के दौरान पुजारियों ने करम पर्व से जुड़ी कथा सुनायी. श्रद्धालुओं को करम देवता की महिमा और पर्व के धार्मिक व सामाजिक महत्व की जानकारी दी गयी. महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की. कई स्थानों पर पूजा के बाद सामूहिक रूप से करम गीत गाये गये.
उधर, रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में भी करम पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. छात्राओं ने परिसर में करम डाल की स्थापना कर आकर्षक विद्युत सजावट की. विधिवत पूजा-अर्चना के बाद छात्राओं ने पारंपरिक करम गीत प्रस्तुत किये. इस दौरान पूरा परिसर लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया.
करम गीतों और मांदर की थाप से रजरप्पा कोयलांचल का वातावरण देर रात तक गूंजता रहा. कई स्थानों पर युवक-युवतियां और ग्रामीण पारंपरिक गीतों पर झूमते नजर आये. पर्व के माध्यम से लोगों ने प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहन के प्रेम, आपसी भाईचारे और लोक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया. ग्रामीणों ने कहा कि करम पर्व क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है.
