रामगढ़: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की घोषणा के विरोध में शुक्रवार को रामगढ़ में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ता पूरी तरह अलर्ट नजर आए. सुभाष चौक पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता झंडा-बैनर के साथ जुटे रहे, जिससे पूरे दिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा. झामुमो कार्यकर्ताओं की घेराबंदी के कारण विरोधी गुट पुतला दहन नहीं कर सका. दोपहर करीब तीन बजे से लेकर देर शाम तक कार्यकर्ता चौक पर डटे रहे और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार दिखे. ये भी पढ़ें: ‘रन फॉर योर हेल्थ एंड फ्यूचर’ थीम पर डोमचांच में 7 किमी मैराथन, तीन राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
झामुमो ने पुतला दहन को साजिश बताया
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला संयोजक मंडली प्रमुख विनोद किस्कू ने किया. उन्होंने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम एक साजिश के तहत किया जा रहा था, जिसे झामुमो ने विफल कर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन नहीं होने दिया जाएगा. जानकारी के अनुसार रांची रिफॉर्म कमेटी द्वारा राज्य के सभी 24 जिलों में पुतला दहन की घोषणा की गई थी. इसी के विरोध में झामुमो कार्यकर्ताओं ने रामगढ़ में मोर्चा संभाले रखा.
मौके पर कई कार्यकर्ता मौजूद रहे
मौके पर संतोष कुमार, सोमर मांझी, गीता देवी, राजरानी देवी, किशोर मोदक, सुशील कुमार, जावेद आलम, आजाद अंसारी, अरुण बनर्जी, राजेंद्र शर्मा, सकलदेव करमाली, कमलेश पांडेय, विदु खान, पिंटू, अहमद, नीतीश गुप्ता, बसंत मुंडा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे
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