रामगढ़ : जिले में मौसमी इन्फ्लुएंजा एवं स्वाइन फ्लू संक्रमण की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट की टीम ने सोमवार को सीएस कार्यालय में बैठक कर सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये.
स्कूलों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच और जागरूकता पर जोर
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्कूली बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार व्यवस्था में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें चिह्नित विद्यालयों एवं अन्य स्थलों पर जाकर बच्चों और अभिभावकों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करेंगी. उपायुक्त के निर्देश पर जारी आदेश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है.
आरबीएसके के तहत बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की होगी मॉनिटरिंग
शिविर में डीआरसीएचओ सह नोडल पदाधिकारी को आरबीएसके रोस्टर के अनुसार चिह्नित बच्चों को उपलब्ध उपचार, आवश्यक सुविधाओं एवं नियमानुसार मिलने वाले राशन की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है.
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अस्पतालों में सामान्य वार्ड से अलग बनेगा आइसोलेशन वार्ड
सीएस डॉ अनिल कुमार ने सभी एमओआईसी और डीएस को अस्पतालों में सामान्य वार्ड से अलग विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने का निर्देश दिया है. इन वार्डों में मरीजों के लिए आवश्यक तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है.
स्वाइन फ्लू की पहचान और संक्रमण नियंत्रण पर प्रशिक्षण
सीएस ने स्वाइन फ्लू की पहचान, रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण, नमूना संग्रह, रेफरल एवं उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. बैठक में डॉ सत्य प्रकाश के मार्गदर्शन में स्वास्थ्यकर्मियों को संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रिपोर्टिंग की जानकारी दी गयी.
संदिग्ध मामलों की रिपोर्टिंग में तेजी लाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा है. बैठक में जिले में संक्रमण की संभावित स्थिति से निबटने के लिए जरूरी तैयारियों की भी समीक्षा की गयी. मौके पर कई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
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