गिद्दी. नौकरी व मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर मूल रैयत विस्थापितों ने सोमवार को सिरका परियोजना में कोयला उत्पादन तथा कार्यालय का काम-काज लगभग तीन-चार घंटे तक बाधित रखा. परियोजना पदाधिकारी के आश्वासन पर विस्थापितों ने दिन के 11.30 बजे अपना आंदोलन वापस ले लिया. जानकारी के अनुसार रैयत व विस्थापितों ने सुबह आठ बजे सिरका परियोजना का उत्पादन व कार्यालय का काम-काज बाधित कर दिया. रैयत संजय महतो ने कहा कि प्रबंधन से नौकरी व मुआवजा की मांग की जा रही है, लेकिन हमें नहीं मिल रही है. इससे रैयत व विस्थापितों में नाराजगी है. उन्होंने कहा कि यहां पर रैयत व विस्थापित रोजी-रोटी के लिए दुकान खोलते है, लेकिन उन्हें नहीं खोलने दिया जाता है. सिरका परियोजना पदाधिकारी ने रैयत व विस्थापितों से बातचीत की. उन्होंने आश्वासन दिया कि 22 जून को इसे लेकर वार्ता की जायेगी. उनके आश्वासन पर विस्थापितों ने आंदोलन वापस ले लिया. आंदोलन में संतोष महतो, दशरथ महतो, करमचंद महतो, भुवनेश्वर महतो, कुंवर महतो, जीवराम महतो, मुकेश महतो, निर्मल पटेल, रमेश करमाली, सीमा सोनी, नेहा कुमारी सहित कई रैयत व विस्थापित शामिल थे.
नौकरी व मुआवजा की मांग को लेकर मूल रैयत विस्थापितों का प्रदर्शन
नौकरी व मुआवजा की मांग को लेकर मूल रैयत विस्थापितों का प्रदर्शन
