रामगढ़ : रांची में आदिवासी संगठनों द्वारा आयोजित आदिवासी एकता महाजुटान रैली को भाकपा माले ने सफल बताते हुए इसे जनजातीय समुदाय की आकांक्षाओं और अधिकारों की आवाज करार दिया है. भाकपा माले के रामगढ़ जिला सचिव हीरा गोप ने रैली में पारित प्रस्तावों का समर्थन करते हुए परिसीमन प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्ट नीति अपनाने की मांग की है.
परिसीमन से पहले संगठनों से ली जाये सहमति
हीरा गोप ने कहा कि झारखंड में परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आरक्षित लोकसभा और विधानसभा सीटों के संबंध में परिसीमन कमेटी को आदिवासी संगठनों की सहमति लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि परिसीमन के नाम पर आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को किसी भी रूप में कमजोर करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी.
आरक्षित सीटों की स्थिति कमजोर करने का विरोध
प्रेस नोट जारी कर उन्होंने कहा कि जनसंख्या अनुपात के नाम पर लोकसभा और विधानसभा में आरक्षित आदिवासी सीटों के प्रतिशत अथवा उनकी प्रभावी राजनीतिक स्थिति को कमजोर करने का कोई भी प्रयास भाकपा माले को मंजूर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि आदिवासी सीटों के प्रतिशत या उनकी प्रभावी संख्या में कमी करना आदिवासी समुदाय के सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार के समान होगा.
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आदिवासी हितों को प्राथमिकता देने की मांग
हीरा गोप ने केंद्र सरकार को आगाह करते हुए कहा कि झारखंड में आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर करने वाली किसी भी पहल के दूरगामी और गंभीर परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में आदिवासी हितों और संवैधानिक अधिकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान
उन्होंने कहा कि भाकपा माले आदिवासी हितों के सवाल पर समान विचारधारा वाले दलों और संगठनों के साथ मिलकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी. उन्होंने केंद्र सरकार से परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठनों के साथ व्यापक संवाद और सहमति बनाने की मांग की.
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