पतरातू. हेसला पंचायत भवन में मंगलवार को आमसभा का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. लोगों ने कहा कि हेसला पंचायत को उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है. यहां की भूमि का विधिवत अधिग्रहण नहीं हुआ है. वक्ताओं ने बताया कि आज भी रैयत व आदिवासी-मूलवासी परिवार खेती-बारी कर जीवनयापन कर रहे हैं. बिरसा मार्केट के दुकानदार व मजदूर वर्ग के लोग वर्षों से यहां बसे हुए हैं. सभा में कहा गया कि यदि सरकार भूमि का अधिग्रहण करती है, तो उसका उपयोग उसी निर्धारित उद्देश्य के लिए होना चाहिए. अन्यथा 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन को मूल रैयतों को वापस किया जाना चाहिए. विचार-विमर्श के बाद आमसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी परिस्थिति में हेसला पंचायत को खाली नहीं होने दिया जायेगा. इसके लिए सभी लोग एकजुट होकर संघर्ष करेंगे. सभा की अध्यक्षता मुखिया प्रीति झा ने की. संचालन प्रदीप महतो ने किया. सभा में पंसस पुष्पा कुमारी, वार्ड सदस्य रानी सिंह, संजू देवी, बेबी देवी, लक्ष्मी देवी, सूरजमनी कुमारी, कुंदन कुमार, दीपू कुमार, उषा देवी, आनंद कुमार, यशवंत सागर, सुधीर कुमार, प्रमोद यादव, रवि कुमार, बृजकिशोर उपाध्याय, रेखा कुमारी, पार्वती देवी, सुनीता देवी, अंजलि कुमारी, जीरू देवी, देवंती देवी उपस्थित थे.
हेसला पंचायत को खाली कराने के विरोध में हुई आमसभा
हेसला पंचायत को खाली कराने के विरोध में हुई आमसभा
