छावनी परिषद द्वारा भवन निर्माण के लिए नक्शा नहीं किया जाता पारित
बरकाकाना : रामगढ़ छावनी परिषद के वार्ड नंबर सात के पोचरा मुंडा टोला, झोपड़ी टोला, नायक मुहल्ला, बागी टोला, साव मुहल्ला के निवासी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं. ऐसा प्रतिबंधित क्षेत्र होने के वजह से हो रहा है.
रामगढ़ छावनी की स्थापना के बाद सैन्य छावनी से सटे कुछ क्षेत्रों को चिह्नित किया गया था कि भविष्य में अगर सैन्य छावनी को जमीन की आवश्यकता हुई तो इन जमीनों का अधिग्रहण किया जा सके. इन क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए नक्शा छावनी परिषद द्वारा पारित नहीं किया जाता है. साथ ही यहां कोई भी विकास व साफ-सफाई का कार्य छावनी परिषद द्वारा नहीं किया जाता है. कई दशक बीत जाने के बाद भी इन जमीनों का अधिग्रहण नहीं हुआ है और वर्षों से यहां के जमीन के मालिक मकान बना कर रह रहे है. यहां के लोगो को पक्की सड़क, नाली, जलापूर्ति आदि मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाती है. पूरे गांव में मात्र तीन चापाकल है जिसमें से एक स्थिति दयनीय है. लोगो को पेयजल के लिए भी भटकना पड़ता है. सभी टोलों में बिजली के पोल व तार जर्जर स्थिति में है. कुछ जगहों पर जुगाड़ विधि से तारों को घर की छत से सटा कर पार करवाया गया है. जगह-जगह तार झूलते हैं जो खतरनाक हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि 2014 में रामगढ़ विधानसभा के विधायक सह झारखंड सरकार के मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी द्वारा रामगढ़ उप विकास आयुक्त को ग्रामीणों के आवेदन पत्र के साथ अनुशंसा पत्र देकर मदन मुंडा के घर से राजकुमार मुंडा तक पीसीसी पथ व नाली निर्माण, वीरेंद्र करमाली के घर से विनोद मुंडा के घर तक पीसीसी पथ व नाली निर्माण की अनुशंसा की. लेकिन आज तक लोगो को सिर्फ मायुसी ही हाथ लगी है.
