एक करोड़ के नुकसान की संभावना
आपदा भुगतान के रूप में पांच लाख रुपये आैर करीब दस लाख रुपये देने का आश्वासन
केदला : सीसीएल की झारखंड उत्खनन परियोजना की माइंस में बुधवार अपराह्न दो बजे करंट लगने से ठेका मजदूर भोला महतो की मौत हो गयी थी. इसके बाद ग्रामीणों ने पीओ कार्यालय के समक्ष शव रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. बुधवार देर रात प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की वार्ता हुई, लेकिन वार्ता विफल रही. वार्ता में बीडीअो जयकुमार राम, सीसीएल प्रबंधन, ग्रामीण व ओपी प्रभारी राधेश्याम राम शामिल थे.
आंदोलन में अाजसू के जिला सह सचिव मदन कुमार महतो, जिला सह सचिव बसंत कुमार महतो, बालेश्वर महतो, बीसीकेयू के जिला सचिव बसंत कुमार, सुनील कुमार महतो, सुनील मिश्रा, जगरनाथ महतो, जगमोहन महतो, झारखंड कोलियरी विधायक प्रतिनिधि हीरालाल महतो, एच महतो, खुर्शीद अंसारी, विश्वनाथ महतो, मुखिया बिंदु देवी, भादे महतो, शिबू महतो, अमृत महतो, गोविंद महतो, गोविंद मांझी, ए महतो, हुलास महतो, दिलेश्वर महतो, बाजी महतो, डालचंद महतो माैजूद थे. प्रदर्शन के कारण परियोजना का लगभग 24 घंटे तक काम ठप रहा. इससे परियोजना को लगभग एक करोड़ के नुकसान की संभावना बतायी गयी है.
मुआवजा मिलने के बाद ग्रामीणों ने उठाया शव
24 घंटे बाद गुरुवार अपराह्न एक बजे परियोजना के पीओ कार्यालय में सीसीएल प्रबंधन के साथ ग्रामीणों आैर जनप्रतिनिधि की बैठक हुई. इसमें जीएम आरके गुप्ता, पीअो आरडी सिंह, एरिया अॉफिसर अशोक कुमार, एके दास, जिप सदस्य दुष्यंत कुमार पटेल, आजसू पार्टी के जिला सह मदन महतो, झामुमो के जिला सह सचिव बसंत कुमार महतो, बालेश्वर महतो, विश्वनाथ महतो, ओपी प्रभारी राधेश्याम राम शामिल थे.
इसमें प्रबंधन की अोर से मृतक के परिजनों को नकद तीन लाख रुपये दिये गये. माइंस एक्ट के तहत आपदा भुगतान के रूप में पांच लाख रुपये आैर करीब दस लाख रुपये देने का आश्वासन दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने शव उठाया. शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया है. इसके बाद परियोजना का काम शुरू हुआ.
