रामगढ़. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन एक्ट के विधानसभा से पास करने व जेटेट की परीक्षा में द्वितीय खोरठा भाषा में सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने के विरोध में सुभाष चौक पर 24 नवंबर को मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया. इससे पूर्व, जेवीएम कार्यालय बिजुलिया से विपक्षी दलों के समर्थकों ने शहर के विभिन्न मार्गों पर पुतला के साथ जुलूस निकाला. नेताओं ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों व पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही है. ताकत के बल पर सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को सदन से पारित कराया गया है. टेट की परीक्षा में खोरठा भाषा के लिए सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गये. यह साजिश के तहत किया गया है. 25 नवंबर को होनेवाले बंद को सफल बनाने की अपील की गयी.
बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखा गया है. पुतला दहन कार्यक्रम में महेंद्र पाठक, मंगलसिंह ओहदार, बीएन ओहदार, साबीर अंसारी, क्यूम खान, बलजीत सिंह बेदी, मुकेश यादव, शहजाद खान, उमेश सिंह, आदित्य सिंह, तारिक अनवर, अजमल हुसैन, रामविनय महतो, असगर अली, गोविंद बेदिया, विजय जायसवाल, अजीत गुप्ता, बसुध तिवारी, दुर्गाचरण प्रसाद, घनश्याम प्रसाद, सुनीता देवी, संतोष सोनी, मनीष अंसारी, कासीम मिया, विनोद किस्कू, भुवनेश्वर महतो भुन्नू, अनमोल सिंह, महेंद्र सिंह मुंडा, संजीव बेदिया, किशनराम अकेला, खुर्शीद आलम, महेश ठाकुर, रियाज सायरी, प्रेम साहू, रमेश यादव, अरुण राय, ब्रदी विश्वकर्मा, अशोक यादव, छोटेलाल करमाली, सुनील मुंडा, पंचदेव करमाली, जगनारायण बेदिया, पवन मुंडा, बिजेंद्र प्रसाद, पुनीत मुंडा, विष्णु बेदिया, धर्मेंद्र कुमार, आशुतोष चटर्जी, तीर्थनाथ महतो, बाबूलाल महतो माैजूद थे.
