संशोधन से पहले जनता को विश्वास में लेना चाहिए था

मांडू : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन विधेयक को सरकार द्वारा पारित किये जाने के विरोध में बुधवार को झामुमो प्रखंड कमेटी मांडू ने प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष बालेश्वर महतो व कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव संतोष कुमार ने किया. अपने प्रदर्शन के दौरान […]

मांडू : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन विधेयक को सरकार द्वारा पारित किये जाने के विरोध में बुधवार को झामुमो प्रखंड कमेटी मांडू ने प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष बालेश्वर महतो व कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव संतोष कुमार ने किया. अपने प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार की आलोचना की और एक स्वर में कहा कि सीएनटी व एसपीटी एक्ट में राज्य सरकार के द्वारा संशोधन किये जाने के निर्णय से झारखंड की जनता में आक्रोश है. सरकार तानाशाही तरीके से संशोधन कर अध्यादेश को विधानसभा में पारित करना चाहती है.
यह अधिनियम झारखंड के आदिवासी व मूलवासियों को अपने अस्तित्व व जल, जंगल, जमीन की रक्षा का अधिकार प्रदान करती है. इसे संशोधित किये जाने से पहले राज्य की जनता को विश्वास में लेना चाहिए था. लोकतांत्रिक देश में किसी भी नियम कानून बनाने या संशोधन से पहले आम जनता का भी राय जरूरी है. धरना प्रदर्शन के बाद लोगों ने आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्यपाल के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
कार्यक्रम में रामचंद्र वर्मा, बसंत महतो, सगीर हुसैन, पिंकी देवी, बैजनाथ करमाली, प्रेम प्रसाद, अर्जुन राम, बिरजु मुशहर, प्रमेश्वर सिंह भोक्ता, गुलाम नबी, मो युनूस, सुरेशचंद्र पटेल, राजेश महतो, उतम महतो, सुनिल कुमार, हीरालाल महतो, डालचंद महतो, रामकुमार सिंह, राजनाथ महतो समेत काफी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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