सैकड़ों महिलाओं ने थाना का किया घेराव
पतरातू. एक पखवारे पूर्व पीटीपीएस से लापता नाबालिग लड़की के मिल जाने के बाद उसके परिजनों ने एक परिवार पर देह व्यापार कराने का आरोप लगाया है. इसे लेकर परिजनों के साथ दो-तीन सौ महिलाओं ने बुधवार को पतरातू थाने का घेराव किया. घेराव करनेवाले लोग पुलिस से उक्त आरोपियों सहित इसमें संलिप्त व्यक्तियों की भी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. इस संबंध में पुलिस को दिये गये शिकायत पत्र में नाबालिग के परिजनों ने बताया है कि वे लोग मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं.
पड़ोसी के यहां अपनी दोनों नाबालिग बच्ची को सिलाई सिखाने भेजा करते थे. 12 वर्षीय छठी क्लास की छात्रा रही उनकी बेटी को 26 अक्तूबर को उक्त परिवार के लोग स्कूल से ही कपड़ा बदलवा कर टेंपो से रामगढ़ ले गये. बच्ची रात को नहीं लौटी. इस बात की जानकारी लेने जब उक्त व्यक्ति के पास पहुंचे, तो उसने बच्ची को साथ ले जाने के मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार कर दिया. तब जाकर थाने में बच्ची के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी. पुलिस जब पांच नवंबर को रामगढ़ से उनकी बेटी को बरामद कर लायी, तो उसने बताया कि आरोपी लोग उसे कई तरह का प्रलोभन देकर अक्सर रामगढ़ ले जाते थे.
वहां उससे गलत काम कराया जाता था. छह नवंबर को उस व्यक्ति ने दो अज्ञात व्यक्तियों के साथ उनके घर आकर धमकाया कि यदि इस मामले में केस करोगी तो तुम्हें बुरे परिणाम भुगतने होंगे. पुलिस ने घेराव करने वाली महिलाओं से कहा कि लड़की को मेडिकल जांच के लिए रांची भेजा गया है. कोर्ट में उसका 164 का बयान भी कराया जायेगा. इसके बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. तब जाकर आंदोलनकारी महिलाएं वापस लौट गयीं.
