रामगढ़ : जिला सिविल सर्जन कार्यालय रामगढ़ के सभागार में मंगलवार को पीसीपीएनडीटी को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का संचालन एसीएमओ डॉ अनुराधा कच्छप ने किया. मौके पर सीएस डॉ सुनील उरांव ने बताया कि जिला में लिंगानुपात 1000 पुरुष पर 926 महिला है. इसे ठीक करना है. उन्होंने कहा कि जिला में निबंधित 36 अल्ट्रासाउंड क्लिनिक संचालित है.
सभी को भ्रूण हत्या के रोकथाम के लिए इसकी जांच पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना होगा. लिंग परीक्षण कानूनन जुर्म है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इसके लिये 1994 में एक एक्ट लाया गया था. इसका हर हाल में पालन करना है. इसकी जांच के लिए जिला में एक टीम बनायी गयी है. जो समय-समय पर जांच कर रिर्पोट जिला को देती है. उन्होंने कहा कि लिंगानुपात को बेहतर करने के लिए तमाम लोगों की सहभागिता की जरूरत है. लोगों को इसके बारे जागरूक करने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि सभी अल्ट्रा सांउड नर्सिंग होम के संचालक फार्म ए का संधारण ठीक से करें. फार्म का संधारण कर ससमय जिला को जमा करें. इस मौके पर डीआइओ डॉ अशोक पाठक, डीएस डॉ अवधेश सिन्हा, डीएमओ डॉ जेसी दास, युवा संस्था के राकेश, मांडू प्रभारी डॉ अशोक कुमार, गोला प्रभारी डॉ प्रेम कुमार, डीडीएम मो जाहिद, डीएएम तारापद कोयरी, डीपीसी उदयशंकर, डीपीएम नीरज कुमार, बीपीएम संजीत सहित अल्ट्रासाउंड के प्रतिनिधि मौजूद थे.
