जंगली हाथी ने बुजुर्ग को पटक कर किया घायल, अस्पताल में भर्ती

मनिका वन क्षेत्र के झरीवा टोला की घटना

मनिका वन क्षेत्र के झरीवा टोला की घटना

प्रतिनिधि, सतबरवा

थाना क्षेत्र अंतर्गत मनिका वन क्षेत्र के अधीन रबदा पंचायत के झरीवा टोला में रविवार अहले सुबह जंगली हाथी के हमले में एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल की पहचान स्वर्गीय बालेश्वर सिंह के 50 वर्षीय पुत्र नरेश सिंह के रूप में हुई है. घटना सुबह करीब पांच बजे की है. परिजनों के अनुसार नरेश सिंह सुबह शौच के लिए खेत की ओर जा रहे थे. इसी दौरान झाड़ियों में छिपे जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया. हाथी के हमले से नरेश गंभीर रूप से घायल हो गये. उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा. इसके बाद घायल को इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच में भर्ती कराया गया. चतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि धीरज कुमार व अनिल सिंह ने बताया कि पलामू नेशनल पार्क और पलामू किला के जंगल से जनवरी माह की शुरुआत से ही जंगली हाथी आसपास के कई गांवों में प्रवेश कर रहे हैं. इसकी सूचना पहले ही विभाग को दी जा चुकी है. हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में भय का माहौल है. लोग रात में चैन से सो नहीं पा रहे हैं, वहीं खेतों में लगी चना, गेहूं, मटर, मसूर सहित अन्य फसलें भी बर्बाद हो रही हैं. ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व हाथी को औरंगा नदी पार कर पलामू किला के जंगल की ओर खदेड़ा गया था, लेकिन बीते एक सप्ताह से हाथी फिर लगातार गांवों की ओर आ रहे हैं. रविवार को हुए हमले के बाद वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है. लातेहार वन प्रमंडल के फोरेस्टर अजय पांडेय ने बताया कि हाथी द्वारा एक ग्रामीण के घायल होने की सूचना मिली है. परिजनों से मिलकर घटना की जानकारी ली गयी है. हाथी को गांव से दूर रखने के लिए बम-पटाखे की व्यवस्था करायी गयी है.

प्रभात खबर ने उठाया था मुद्दा : धीरज

चतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि धीरज कुमार ने कहा कि जनवरी महीने से ही जंगली हाथी कई गांवों में घुसकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं.सलैया, तुम्बागड़ा, रबदा, फुलवरिया, ठेमी, ठेमा और चेतमा गांव के ग्रामीण भयभीत हैं. इस संबंध में प्रभात खबर में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित हुआ था, इसके बावजूद वन विभाग उदासीन बना हुआ है. यदि विभाग समय रहते सक्रिय होता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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