प्रतिनिधि, हरिहरगंज: पीपरा प्रखंड के दलपतपुर पंचायत अंतर्गत लैचूड़ीह गांव में जलमीनार और चापाकल पिछले छह माह से खराब पड़े हैं. स्कूल परिसर में स्थित जलमीनार और चापाकल से गांव के करीब 30 घरों के लोग, राहगीर और उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पेयजल के लिए आश्रित थे. इसके खराब होने से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों के सामने भी पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है.
दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
पेयजल की व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीण महिलाओं को दूसरे घरों से दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार और चापाकल की मरम्मत के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा पंचायत प्रतिनिधियों को कई बार जानकारी दी गयी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
ग्रामीण मनोज भुइयां, उपेंद्र भुइयां, दिनेश भुइयां, अरुण कुमार भुइयां व प्रियंका देवी आदि ने बताया कि लंबे समय से जलमीनार और चापाकल खराब रहने के कारण गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. उन्होंने जल्द से जल्द दोनों की मरम्मत कराने की मांग की है.
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विद्यालय के बच्चों को भी हो रही परेशानी
उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय परिसर में स्थित जलमीनार और चापाकल खराब होने से बच्चों को पेयजल के लिए काफी परेशानी हो रही है. इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं करायी गयी है.
जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन
मुखिया मीना देवी ने कहा कि लैचूड़ीह गांव में जलमीनार और चापाकल दोनों खराब हैं. इसे जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा.
