आठ और 10 किमी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
हरिहरगंज (पलामू): प्रखंड क्षेत्र की दो प्रमुख सड़कें वर्षों से जर्जर हैं. सुल्तानी मोड़ एनएच-139 से बेला घाट होते हुए ढकचा मोड़ तक करीब आठ किमी और निचली बराज से ढकचा मोड़ तक करीब 10 किमी सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गये हैं. सड़क पर उभरे नुकीले पत्थर और बारिश का जमा पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं. कई जगह जलजमाव के कारण सड़क और गड्ढे का अंतर तक नजर नहीं आता. इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों को भी आवागमन में काफी परेशानी हो रही है.
भारी वाहनों के आवागमन से सड़क की हालत और खराब
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों सड़कों का निर्माण काफी पहले हुआ था. इसके बाद से अब तक न तो इनकी समुचित मरम्मत कराई गई और न ही पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल हुई. इस मार्ग से हाइवा, ट्रेलर समेत बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन रोजाना गुजरते हैं. भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती गई है.
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ग्रामीणों ने बैठक कर बनाया आंदोलन का निर्णय
सड़क की बदहाली को लेकर सरसोत गांव में वार्ड सदस्य जितेंद्र प्रजापति की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें सड़क की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर चर्चा की गई. ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि जल्द ही सांसद बीडी राम से मिलकर हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा जायेगा और दोनों सड़कों के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की जाएगी.
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से सड़क की बदहाली झेल रहे लोगों की अब अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सांसद से मिलने के बाद भी यदि शीघ्र पहल नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे. जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा.
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दर्जनों गांवों को जोड़ता है यह महत्वपूर्ण मार्ग
वार्ड सदस्य जितेंद्र प्रजापति के अलावा अक्षय कुमार, निर्भय शर्मा, राकेश कुमार साव, रविरंजन मेहता, कृष्णा साव, संतन मेहता, उदय यादव, मुकेश कुमार, पंकज कुमार, ननकू मेहता समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग सरसोत, सलैया, पचमो, परिया और ढकचा समेत दर्जनों गांवों को जोड़ता है. बिहार जाने के लिए भी यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात में जलजमाव और गर्मी में उड़ती धूल से परेशानी और बढ़ जाती है. सड़क पर बने गड्ढों के कारण कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं. सड़क निर्माण को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है. ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र पहल कर दोनों सड़कों का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा.
