जीवन कल्याण के लिए विहंगम योग जरूरी : संजीत पाठक

जीवन कल्याण के लिए विहंगम योग जरूरी : संजीत पाठक

पांकी. प्रखंड क्षेत्र के चंदरपुर गांव में विहंगम योग संत समाज द्वारा एकल कुंडिय हवन यज्ञ व सत्संग गोष्ठी का आयोजन हुआ. भोला विश्वकर्मा के आवास पर आयोजित अनुष्ठान में काफी संख्या में भक्तजनों व श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. सदग्रंथ स्वर्वेद के पाठ के बाद एकल कुंडिय हवन यज्ञ शुरू हुआ. आश्रम से आये पुरोहित संजीत पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ संपन्न कराया.यजमान भोला विश्वकर्मा ने हवन कुंड में आहुतियां दी. हवन यज्ञ के समापन के बाद विशेष सत्संग गोष्ठी शुरू हुआ. जिला प्रचारक ओंकार नाथ पाठक ने विहंगम योग के सिद्धांत पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि विहंगम योग ईश्वर प्राप्ति का सहज मार्ग है. ब्रह्मविद्या विहंगम योग की सशक्त साधना पद्धति सर्वश्रेष्ठ है.मानव जीवन के कल्याण के लिए विहंगम योग की साधना नियमित करना आवश्यक है. गोष्ठी में पुरोहित संजीत पाठक ने वैदिक हवन यज्ञ की महिमा व उससे होने वाले लाभ के बारे में बताया. कहा कि वैदिक हवन यज्ञ सनातन संस्कृति का प्राण है. भारतवर्ष के ऋषि महर्षि नित्य वैदिक हवन यज्ञ करते थे. मौके पर कामख्या नारायण पाठक, संजय प्रजापति, भूलू मिस्त्री, नंदलाल सिंह, शोभा देवी, धानो देवी, रणजीत सिंह, दीपनाथ मिस्त्री, अक्षय पाठक सहित कई लोग मौजूद थे.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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