मेदिनीनगर. नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पर राज्यपाल ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय की ओर से पत्र जारी किया गया है. बुधवार की शाम करीब चार बजे राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय के आधिकारिक मेल पर वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पर रोक लगाने संबंधी पत्र भेजा गया था.
नया रजिस्ट्रार नियुक्त कर दिया
एनपीयू के रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद ने बताया कि उन्होंने मेल से पत्र निकालकर कुलपति को दिखाया और उस पर कुलपति का हस्ताक्षर भी लिया गया. इसके बाद बुधवार की रात करीब नौ बजे कुलपति ने जेपीएससी से नियुक्त रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद को पद से विरमित करते हुए डॉ. मृत्युंजय कुमार को नया रजिस्ट्रार नियुक्त कर दिया.
प्रभार देने से इनकार
नये रजिस्ट्रार डॉ. मृत्युंजय कुमार प्रभार लेने के लिए डॉ. नफीस अहमद के पास पहुंचे, लेकिन उन्होंने प्रभार देने से इनकार कर दिया. डॉ. नफीस अहमद का कहना है कि उन्हें वैधानिक तरीके से विरमित नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने 11 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है.
ये भी पढ़ें: पलामू : बीमार बेटे के लिए कमाने रांची गया पिता की पानी टंकी के नीचे दबकर मौत, बेसहारा हुआ परिवार
राजभवन के आदेश के बाद दूंगा प्रभार
डॉ. नफीस अहमद ने कहा कि जब राजभवन ने कुलपति के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार पर रोक लगा दी है, तो ऐसी स्थिति में कुलपति द्वारा रजिस्ट्रार की नियुक्ति कैसे की जा सकती है. उन्होंने कहा कि उन्हें विरमित करने से पहले राजभवन से आदेश लेना होगा. इसके बाद सिंडिकेट से मामला पारित कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति जेपीएससी के माध्यम से हुई थी और इसके बाद सिंडिकेट से भी उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिली थी. इसलिए प्रभार देने से पहले पूरी वैधानिक प्रक्रिया का पालन जरूरी है.
फाइलों से छेड़छाड़ की आशंका जतायी
डॉ. नफीस अहमद ने आरोप लगाया कि फाइलों से छेड़छाड़ की मंशा से रजिस्ट्रार को बदला गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि राजभवन से कुलपति के अधिकार पर रोक का पत्र आने के बावजूद इतनी जल्दबाजी में नये रजिस्ट्रार की नियुक्ति क्यों की गयी.
ये भी पढ़ें: मेदिनीनगर: सिंचाई-बिजली को लेकर किसान महासभा का प्रदर्शन, सोनरे-चाको नहर के लिए 80 करोड़ का DPR फिर भी काम नहीं शुरू
छेड़छाड़ हुई तो दर्ज करायी जाएगी प्राथमिकी
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार बुधवार की देर रात विश्वविद्यालय कार्यालय खोला गया था. डॉ. नफीस अहमद ने कहा कि यदि फाइलों से छेड़छाड़ की गयी होगी, तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी. उन्होंने बताया कि बुधवार की रात के विश्वविद्यालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है.
