कौमी एकता की मिसाल है दाता पीर बख्श शाह का मजार

कौमी एकता की मिसाल है दाता पीर बख्श शाह का मजार

प्रतिनिधि, हुसैनाबाद हजरत दाता पीर बख्श शाह रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. इस अवसर पर झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों जायरीन पहुंचे और मजार पर चादरपोशी कर अपनी आस्था व्यक्त की. रविवार की रात इब्राहिम सेठ द्वारा कव्वाली का आयोजन किया गया, जिसका उदघाटन शेर अली, अजय कुमार भारती, शायरा इब्राहिम सेठ, सुहाना खान और मुन्ना कुमार देव ने संयुक्त रूप से किया. मंच संचालन एम. रिजवी ने किया और अध्यक्षता आरजू खान ने की.

कव्वाली मुकाबले में मशहूर कलाकार बाबू गुलाम साबरी और तनवीर इंडियन ने सूफियाना कलाम और कव्वालियां पेश कर पूरी रात समां बांध दिया. दोनों ने सबसे पहले दाता पीर बख्श शाह की शान में हमद और नात-ए-पाक प्रस्तुत की. इस आयोजन में कौमी एकता और भाईचारे का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. मुख्य अतिथि शेर अली ने कहा कि यह मजार हिंदू-मुस्लिम समुदाय की आस्था का केंद्र है और यहां हर साल दोनों समुदायों के लोग बड़ी श्रद्धा से आते हैं. शायरा इब्राहिम ने बताया कि वह पिछले 26 वर्षों से लगातार उर्स में शामिल होती रही हैं. वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने घोषणा की कि मजार परिसर को और बेहतर ढंग से सजाया-संवारा जायेगा.

पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हुसैनाबाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में रहा. थाना प्रभारी चंदन कुमार, एसआई मुन्ना यादव, धर्मेंद्र सिंह, एएसआई अजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. मौके पर उर्स कमेटी के अध्यक्ष एजाज हुसैन, नवाजिश खान, अभय कुमार सिंह, मुमताज खान, नदीम खान, गुड्डू खान, असगर खान, मंजूर आलम, दाऊद खान, आसिफ खान, सद्दाम खान, अफरोज आलम, प्यारे नबी, वारिस राइन, बाबर आलम, प्रणव सुमन, महताब खान, मो. हसन, अशद हुसैन, मो. मजहर और अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे.

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Author: Akarsh Aniket

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