नौडीहा बाजार के पांच मर्ज विद्यालय का ताला सात वर्ष बाद खुला

प्रखंड क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में 2018 से बंद विद्यालयों को सरकार के निर्देश पर 15 अप्रैल 2025 से खोल दिया गया है.

नौडीहा बाजार. प्रखंड क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में 2018 से बंद विद्यालयों को सरकार के निर्देश पर 15 अप्रैल 2025 से खोल दिया गया है. पूर्व के सरकार के निर्देश पर वर्ष 2018 में वैसे विद्यालयों को मर्ज कर दिया गया था. वर्तमान झारखंड सरकार के वित्त मंत्री सह छतरपुर पाटन विधायक राधाकृष्ण किशोर के अथक प्रयास से सात साल बाद प्रखंड क्षेत्र के अति आवश्यक पांच विद्यालयों को सरकार के द्वारा खोलने का निर्देश दिया गया है. जिन विद्यालयों को खोला गया है, उनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय करमा पाल्हे, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सीढ़हा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोरहो, उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुवादाग, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाराखाड़ उर्फ कहूवा खाड़ के नाम शामिल हैं. ये सभी विद्यालय अति नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बहुल इलाकों में मौजूद हैं. जंगली इलाका होने के कारण ग्रामीण बच्चे विद्यालय तक नहीं पहुंच पाते थे. विद्यालय बंद हो जाने के कारण ग्रामीण इलाकों के अधिकांश बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट गयी थी. लेकिन अब उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गयी है. बच्चों के चेहरे पर मुस्कान दिखने लगी है. विद्यालय खोलने की सूचना मिलते ही विद्यार्थियों व अभिभावकों का उत्साह देखने लायक था. जैसे ही शिक्षक विद्यालय पहुंचे, बच्चे अपनी कॉपी, किताब लिये बैग के साथ विद्यालय की ओर निकल पड़े थे. विद्यालय बंद होने से विद्यार्थियों को हो रही परेशानी से स्थानीय विधायक सह मंत्री राधाकृष्ण किशोर को अवगत कराया गया था. वित्त मंत्री श्री किशोर ने आश्वासन दिया था कि हर हाल में बंद पड़े विद्यालयों को खोला जायेगा. बुधवार को जब विद्यालय खुला तो वीरान पड़े विद्यालयों में रौनक लौट पड़ी. वर्षों से बंद पड़े विद्यालय में बच्चों की आवाज गूंजने लगी थी.

जर्जर हो रहे थे विद्यालय भवन

पूर्व के सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय को कहीं दो किलोमीटर तो कहीं तीन किलोमीटर तो कहीं पांच किलोमीटर की दूरी पर मर्ज कर दिया गया था. विद्यालयों के बंद हो जाने के कारण भवनों की देखरेख नहीं हो रही थी. इस कारण अधिकांश विद्यालय भवन जर्जर हो गये हैं. विद्यालयों की हालत बदतर हो गयी है. भवन कई जगह टूट गये हैं. शिक्षकों के प्रयास से विद्यालय को सुचारू रूप से चलने लायक बनाया जा रहा है. जो भी आवश्यक संसाधन की जरूरत है, इसे उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है.

हर बच्चा को शिक्षा मिले, सरकार गंभीर है : मंत्री

राज्य के वित्त मंत्री सह स्थानीय विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विद्यालय मर्ज होने के बाद सुदूरवर्ती इलाकों के बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे थे. चुनाव से पूर्व क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों ने संज्ञान में दिया था. विद्यालय पुनः खोलने के लिए लगातार प्रयास कर पठन-पाठन शुरू कराया गया. मंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जायेगा. सुदूर इलाकों में रहने वाले बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले. इसके लिए सरकार गंभीर है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से किया गया हर वादा को पूरा किया जा रहा है. मंत्री ने सुदूरवर्ती गांवों के स्कूल पुन: खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है.

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