प्रतिनिधि, मेदिनीनगर
पलामू जिला इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है. तापमान 45–46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जल स्रोत सूख गये हैं और भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है. जिला मुख्यालय मेदिनीनगर भी इस संकट से अछूता नहीं है. शहरी क्षेत्र में भूजल स्तर गिरने के कारण पेयजल संकट गहराता जा रहा है. चिलचिलाती धूप के कारण शहरी क्षेत्र के भू जल स्तर में काफी गिरावट हुई है. इस वज़ह से शहर में जल संकट गहरा गया है. भीषण गर्मी में पानी के लिए मुस्लिम नगर पहाड़ी मोहल्ला के लोग तरस रहे है. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 26, 27 व 28 के सभी मुहल्ले में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है. मुस्लिमनगर, झोपड़पट्टी, पहाड़ी मोहल्ला, कर्बला चौक, गोसिया मदरसा, हुसैननगर, राहत नगर, गम्हेल स्थल रोड और नूरी मस्जिद रोड जैसे क्षेत्रों में लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं.
नदी किनारे चुवाड़ी खोदकर पानी निकाल रहे हैं
स्थिति इतनी गंभीर है कि गरीब परिवार नदी किनारे चुवाड़ी खोदकर पानी निकाल रहे हैं. सुबह होते ही महिला, पुरुष और बच्चे पानी की तलाश में निकल जाते हैं. कई परिवारों को दूर-दराज से बाल्टी और बर्तन में पानी ढोकर लाना पड़ रहा है. पानी की कमी ने दैनिक जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यह इलाका पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है.टैंकर से जल वितरण नहीं, जिससे परेशानी बढ़ी
लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर नाराजगी जतायी है. उनका आरोप है कि शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी हुई है. अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. इस वर्ष निगम प्रशासन ने टैंकर से जल वितरण भी नहीं कराया, जिससे परेशानी और बढ़ गई है.इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए : रियाजुद्दीन खान
पलामू जिला हज कमेटी के सदर रियाजुद्दीन खान ने कहा कि मुस्लिमनगर और पहाड़ी मोहल्ला सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है. लोग नदी से चुवाड़ी खोदकर पानी लाने को विवश हैं. उन्होंने कहा कि कोयल नदी किनारे बसे इन मोहल्लों में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है और इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए. वर्षों से यहां जलापूर्ति का पाइप भी नहीं बिछाया गया, जिसके कारण लोग शहरी जलापूर्ति योजना के लाभ से वंचित हैं.
प्रशासन जल्द से जल्द इन इलाकों को शहरी जलापूर्ति योजना से जोड़ेस्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन इलाकों को शहरी जलापूर्ति योजना से जोड़े. साथ ही वर्षा जल संचयन और नदी आधारित जलापूर्ति जैसी योजनाओं को लागू किया जाये. जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक टैंकर और मोबाइल जल वितरण की व्यवस्था की जानी चाहिए. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाये, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है.
