व्यावसायिक शिक्षकों को 13 माह से नहीं मिला मानदेय

व्यावसायिक शिक्षकों को 13 माह से नहीं मिला मानदेय

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर पलामू जिले के विभिन्न प्लस टू उच्च विद्यालयों में कार्यरत लगभग 111 संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर कार्यरत व्यवसायिक शिक्षकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. पिछले 13 माह से वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण इन शिक्षकों का आक्रोश फूट पड़ा है. शिक्षकों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन को और तेज कर दिया है.शिक्षकों का आरोप है कि वे लगातार स्कूलों में पठन-पाठन और प्रशिक्षण का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है. दूसरी ओर संबंधित कांट्रैक्ट कंपनी का दावा है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेइपीसी)और सरकार की तरफ से कंपनी को ही भुगतान नहीं मिला है. इस प्रशासनिक खींचतान के कारण शिक्षकों के परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत आ गयी है.नेताओं और अधिकारियों के चक्कर काट कर हारे शिक्षक अपनी जायज मांगों को लेकर ये शिक्षक अब तक तीन बार वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात कर गुहार लगा चुके हैं. इसके अलावा चार बार बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और जेइपीसी कार्यालय का घेराव भी किया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल या समाधान नहीं निकाला गया है, जिससे शिक्षकों में भारी निराशा है. उग्र आंदोलन की तैयारी, सीएम आवास घेरने की रणनीति शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना मिल रही है. अब यह लड़ाई सिर्फ वेतन की नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान की बन चुकी है.पलामू जिले के सभी व्यावसायिक शिक्षक एकजुट होकर एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं. अभय तिवारी ने बताया कि इस बार शिक्षक चुप नहीं बैठेंगे. चरणबद्ध आंदोलन के तहत जल्द ही मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा. यदि इसके बाद भी कुंभकरणी नींद में सोई सरकार नहीं जागी, तो पूरे राज्य की व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को लॉक-डाउन कर दिया जायेगा. इस गतिरोध से छात्रों की पढ़ाई को होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akarsh aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >