नाला सफाई के लिए खरीदी 2 करोड़ की मशीन बनी कबाड़, उपयोगिता पर उठे सवाल

मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा खरीदी गई दो करोड़ की सुपर सकर मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है. कचरा डंपिंग यार्ड में खड़ी यह मशीन अब जंग खाकर बर्बाद हो रही है.

मेदिनीनगर : पलामू जिले के मेदिनीनगर में नाला सफाई के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई हाई पावर सुपर सकर मशीन इन दिनों कचरा डंपिंग यार्ड में खड़ी है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में खरीदी गई यह मशीन करीब दो वर्षों से उपयोग में नहीं आ सकी है. कीचड़ के बीच खड़ी मशीन पर जंग लग रही है. ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से खरीदी गई महंगी मशीन के बेकार पड़े रहने पर सवाल उठ रहे हैं.

मशीन से नाला सफाई में नहीं मिली अपेक्षित सफलता

जानकारी के अनुसार, खरीदारी के बाद मशीन को शहर के विभिन्न स्थानों पर नाला सफाई के लिए ले जाकर इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली. जानकारों का कहना है कि मेदिनीनगर जैसे शहर की मौजूदा नाला व्यवस्था को देखते हुए हाई पावर सुपर सकर मशीन की उपयोगिता सीमित है.

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कहां-कहां कर सकते हैं इसका उपयोग?

सुपर सकर मशीन का इस्तेमाल सामान्यतः बड़े सीवरेज नेटवर्क, गहरी नालियों, बड़े चैंबर, ट्रंक सीवर पाइपों में जमा गाद, सेप्टिक टैंक और औद्योगिक नालों से ठोस और तरल कचरा निकालने के लिए किया जाता है. मेदिनीनगर में बड़े सीवरेज नालों और गहरे चैंबर की व्यवस्था सीमित है. शहर के अधिकांश मोहल्लों में तीन से चार फीट गहरे नाले बने हैं, जिन तक पहुंचने के लिए रास्ते भी संकरे हैं. कई जगह मकानों के पिछले हिस्से में बनी लंबी गलियों के किनारे नाले हैं. ऐसे स्थानों पर बड़ी मशीन पहुंचाना मुश्किल है. जानकारों के मुताबिक, इन नालों की सफाई छोटे जेसीबी या मैनुअल तरीके से कराना अधिक व्यावहारिक हो सकता है.

खरीदारी पर उठ रहे सवाल

शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों और वार्ड पार्षदों ने मशीन की खरीद और इसके उपयोग को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि वर्ष 2023 में नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद करीब तीन वर्षों तक चुनाव नहीं हुआ. इसी अवधि में निगम प्रशासन ने मशीन की खरीद की. पार्षदों का दावा है कि उनके कार्यकाल में सुपर सकर मशीन की खरीद नहीं हुई थी.

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नगर निगम के नगर आयुक्त ने क्या कहा?

लोग इसके उपयोगिता पर सवाल उठा रहे हैं कि जब मशीन शहर की नाला व्यवस्था के लिए उपयोगी नहीं है तो इतनी बड़ी राशि खर्च कर इसकी खरीद क्यों की गई. वहीं नगर निगम के नगर आयुक्त रंजीत लाल ने कहा कि उन्हें सुपर सकर मशीन की खरीद के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि फिर उन्होंने कहा कि मशीन का उपयोग कर शहर के बड़े नालों की सफाई कराने का प्रयास किया जाएगा।


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By Prabhat khabar news desk

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