Palamu News: परीक्षा के पेपर लीक और कलस्टर सिस्टम के विरोध में प्रदर्शन, सड़क जाम

Palamu News: पलामू के मेदिनीनगर में छात्रों और युवाओं ने नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और कलस्टर सिस्टम के विरोध में प्रदर्शन किया. रेड़मा चौक जाम कर छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी कलस्टर सिस्टम के संकल्प पत्र और देशभर में नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक के विरोध में शुक्रवार को पलामू जिले के मेदिनीनगर के रेड़मा चौक पर छात्रों और युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के नेतृत्व में रेड़मा चौक को जाम कर प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान छात्र-युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर विरोध जताया. सड़क जाम होने से कुछ देर के लिए आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा.

कलस्टर सिस्टम के खिलाफ छात्रों में नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार द्वारा लागू किए जा रहे कलस्टर सिस्टम का कड़ा विरोध किया. उनका कहना था कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के कई कॉलेजों को आपस में मर्ज कर दिया जाएगा. छात्र नेताओं ने कहा कि कॉलेजों के विलय का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों पर पड़ेगा. कॉलेजों की संख्या कम होने और दूरी बढ़ने से गरीब एवं ग्रामीण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी. कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में पहले से ही शिक्षा संसाधनों की कमी है. ऐसे में कॉलेजों को एकीकृत करने का फैसला छात्रों के हित में नहीं है.

शिक्षक और कर्मियों के पद घटने की आशंका

छात्र संगठनों ने यह भी कहा कि कॉलेजों के मर्ज होने से शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पदों में भी कमी आ सकती है. इससे शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी और रोजगार के अवसर भी प्रभावित होंगे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि कॉलेजों को कम करने पर. उन्होंने कलस्टर सिस्टम को वापस लेने की मांग की.

पेपर लीक से छात्रों का भविष्य खतरे में

प्रदर्शन के दौरान नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर भी छात्रों ने नाराजगी जताई. छात्र नेताओं ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है. इससे छात्रों में निराशा और कुंठा बढ़ रही है. छात्र संगठनों ने मांग की कि सरकार और संबंधित एजेंसियां परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके.

थाना प्रभारी के आश्वासन पर समाप्त हुआ जाम

प्रदर्शन और सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. इसके बाद छात्र और युवा सड़क जाम हटाने पर सहमत हुए. करीब कुछ समय तक चले प्रदर्शन के बाद आवागमन सामान्य हो सका.

इसे भी पढ़ें: गाद से घट गया पतरातू डैम जलस्तर, मरम्मत और सफाई की बढ़ी जरूरत

बड़ी संख्या में छात्र-युवा रहे मौजूद

प्रदर्शन में आइसा के जिला सचिव गौतम दांगी, राज्य उपाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष गुड्डू भुइयां, खुशबू कुमारी, कंचन राज भारती और आरवाईए के जिला सचिव पवन विश्वकर्मा समेत कई छात्र नेता शामिल हुए. इसके अलावा अंशु प्रसाद, ऋषि रौशन, चंदन कुमार, उमेश रवि, अनुलाल बाबू, अभय सिंह, अधिवक्ता श्रवण देव, आनंद कुमार, आशुतोष पासवान, शाहजहां अंसारी, राकेश सिंह, शमशाद अंसारी, दिनेश मेहता और विवेक कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शन में मौजूद रहे.

इसे भी पढ़ें: पिठोरिया में धूमधाम से की गई मंडा पूजा, दहकते अंगारों पर नंगे पैर चले शिवभक्त

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >