पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu News: पलामू प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय की अध्यक्षता में एसआईआर 2026 के सफल संचालन पर गुरुवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक का उद्देश्य साफ मतदाता सूची से जुड़े इस बड़े प्रशासनिक अभ्यास को समय पर और बिना किसी देरी के पूरा करना था. बैठक में पलामू, गढ़वा और लातेहार के उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा आयुक्त के सचिव रोहित सिन्हा मौजूद रहे. पूरा प्रशासनिक ढांचा एक ही जगह मौजूद था ताकि जिम्मेदारी से कोई भाग न सके.
समय पर तैयारी और समन्वय पर जोर
आयुक्त ने निर्देश दिया कि एसआईआर 2026 से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा ताकि कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए. प्रशासनिक सिस्टम में समन्वय न हो तो प्रक्रिया वैसे ही अटक जाती है जैसे बिना ईंधन के इंजन.
बूथ लेवल ऑफिसर प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
बैठक में बूथ लेवल ऑफिसरों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया. आयुक्त ने कहा कि सभी बीएलओ को निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए ताकि वे अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर सकें. मतदाता सूची जैसे संवेदनशील कार्य में प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि छोटी गलती भी बड़े विवाद को जन्म दे सकती है.
मतदाता सूची की शुद्धता पर फोकस
आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से वंचित न रहे और वास्तविक मतदाताओं की सही पहचान सुनिश्चित की जाए. मतदाता सूची केवल एक रिकॉर्ड नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है इसलिए इसमें त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.
ईआरओ की भूमिका और दायित्वों की समीक्षा
इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर की भूमिका की विस्तृत समीक्षा की गई. आयुक्त ने कहा कि ईआरओ अपने क्षेत्राधिकार में मतदाता सूची पुनरीक्षण, दावे और आपत्तियों के निष्पादन तथा पंजीकरण कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करें. उन्होंने यह भी कहा कि हर प्रक्रिया का रिकॉर्ड स्पष्ट और व्यवस्थित होना चाहिए ताकि बाद में किसी तरह का भ्रम न रहे.
प्रचार प्रसार और जनजागरूकता पर जोर
एसआईआर 2026 अभियान के व्यापक प्रचार प्रसार पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचे ताकि वे मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया में भाग ले सकें. जनभागीदारी के बिना कोई भी अभियान अधूरा रहता है इसलिए सूचना का फैलाव जरूरी है.
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नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण के निर्देश
आयुक्त ने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. आवश्यकता पड़ने पर स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया जाएगा. यह सुनिश्चित करने के लिए कि काम केवल कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे.
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