शाहपुर-गढ़वा मार्ग का खस्ताहाल, सड़क पर गड्ढा बना जानलेवा

शाहपुर-गढ़वा मार्ग पर गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। जर्जर सड़क से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

मेदिनीनगर: पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर को उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला शाहपुर-गढ़वा मार्ग की स्थिति काफी बदहाल हो गयी है. शाहपुर से बांसडीह मोड़ तक करीब छह किलोमीटर सड़क जर्जर अवस्था में है. इस मार्ग पर कई जगह गड्ढे बन गए हैं. खासकर गांधीपुर के समीप राममनोहर लोहिया कॉलेज से बांसडीह मोड़ तक सड़क खस्ताहाल स्थिति में है. यह सड़क कई जगह गड्ढे में तब्दील हो गया,जो जानलेवा साबित हो रहा है. कई जगहों पर आधी सड़क गड्ढे का रूप ले लिया है. स्थिति यह है कि सड़क पर डेढ़ से दो फीट गहरा गड्ढा बन गया है. गड्ढे में पानी भर जाने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चलता और इस तरह दुर्घटनाएं होते रहती है.

हर दिन सैकड़ों वाहनों का होता है परिचालन

शाहपुर गढ़वा मार्ग पर प्रतिदिन छोटे बड़े सैकड़ों वाहनों का परिचालन होता है. मेदिनीनगर से गढ़वा की दूरी कम होने के कारण रांची से छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले ट्रक, हाईवा जैसे बड़े वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं. इसके अलावा अंबिकापुर और गढ़वा जिले के विभिन्न इलाकों से मेदिनीनगर या रांची की ओर जाने वाली बसों का परिचालन भी इसी मार्ग से होता है. दोपहिया व चारपहिया वाहनों का परिचालन भी इस मार्ग पर अधिक होता है. सड़क जर्जर होने और गड्ढा बन जाने के कारण दुर्घटना होते रहती है. लोगों की माने तो सड़क पर गड्ढे के कारण कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं.

विभाग की उदासीनता के कारण बनी यह स्थिति

स्थानीय लोगों की माने तो सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटना आम हो गई है. कई लोग दुर्घटना के शिकार हो गये हैं. भुक्तभोगी बांसडीह निवासी संदीप पांडेय ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व वह इस मार्ग पर बाइक से गिर गये थे. इस घटना में उनका पैर फ्रैक्चर हो गया था. महूगांवा के नरेंद्र पांडेय ने बताया कि सड़क पर बना गड्ढा जानलेवा साबित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने इस मुख्य मार्ग की बदहाली के लिए जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया है. लोगों ने बताया कि इस मुख्य मार्ग की मरम्मत कराने के लिए कई बार आवाज उठाया गया. लेकिन प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली. पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को एक वर्ष पूर्व आवेदन देकर सारी स्थिति से अवगत कराया गया था और इस सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गयी थी. लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण आज यह स्थिति बन गई है. लोगों को राह चलना मुश्किल हो गया है. स्थानीय निवासी संजय पांडेय,अमरेश पांडेय, प्रेम शंकर तिवारी, विनय ओझा, राजकुमार पांडेय, आशीष चौरसिया सहित कई लोगों ने जनहित में इस सड़क की मरम्मत कराने की मांग प्रशासन से की है.


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